नीट पेपर लीक मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पता चला है कि केमिस्ट्री के गैस पेपर में जो सवाल थे, असल परीक्षा में भी वही सवाल पूछे गए। यहां 100 प्रतिशत मैच देखने को मिला। इसके बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को शक हो गया कि पेपर लीक अंदर से हुआ है।

जानकारी के लिए बता दें कि 3 मई को नीट की परीक्षा हुई थी। इसके बाद NTA को सीकर के एक व्यक्ति ने सूचना दी कि पेपर लीक हुआ है। उस व्यक्ति ने NTA को लीक हुए पेपर की PDF भी भेजी थी। जब NTA ने उस लीक पेपर की तुलना असली परीक्षा से की तो केमिस्ट्री के सभी सवाल मैच हो गए। वहीं, बायोलॉजी के भी कई सवाल एक जैसे पाए गए।

यह जानकारी मिलने के बाद NTA ने तुरंत सीबीआई को ट्रांसलेटर्स और पेपर सेटर्स से जुड़े सभी लोगों की सूची सौंप दी। बताया जा रहा है कि NTA ने CBI को करीब 26 से 27 लोगों के नाम दिए हैं। इनमें 24 ट्रांसलेटर और 3 पेपर सेटर शामिल हैं।

समझने वाली बात यह है कि नीट की परीक्षा कई भाषाओं में आयोजित की जाती है। इसी वजह से ट्रांसलेटर्स की भूमिका बेहद अहम होती है। एक व्यक्ति अंग्रेजी से दूसरी भाषा में प्रश्न पत्र का अनुवाद करता है जबकि दूसरा उसी भाषा से वापस अंग्रेजी में अनुवाद करता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि किसी भी तरह की गलती ना हो जाए।

बताया गया है कि इस बार नीट परीक्षा के लिए पेपर सेटर्स और ट्रांसलेटर्स को जनवरी में ही चुन लिया गया था। लेकिन अब जब इतना बड़ा पेपर लीक सामने आ चुका है, तो दोबारा होने वाली परीक्षा से पहले NTA किसी भी तरह की गलती नहीं दोहराना चाहती। ऐसे में बैकग्राउंड वेरिफिकेशन पर जोर दिया जा रहा है। NTA को इस बात का एहसास हो चुका है कि अंदर के लोगों ने ही पिछली बार पेपर लीक किया था, यानी “घर का भेदी लंका ढाए” वाली स्थिति बन गई।

फिलहाल, 21 जून को होने वाली परीक्षा के लिए केमिस्ट्री, बायोलॉजी और फिजिक्स तीनों विषयों के पेपर सेटर्स और ट्रांसलेटर्स बदल दिए गए हैं। एक नई टीम तैयार की गई है। इसके साथ ही नए सीनियर अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। वहीं, पहली बार Chief Technology Officer (CTO) जैसी बड़ी पोस्ट भी बनाई गई है।

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