अमेरिका और भारत एक ओर अपने ट्रेड डील समझौते को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, तो दूसरी ओर अमेरिका ने भारत पर लगाए रेसिप्रोकल टैरिफ का घटा दिया। इसी बीच ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट ने दावा किया कि भारत सरकार ने अमेरिका को साफ शब्दों में कह दिया था कि वह ट्रेड डील को लेकर किसी दबाव में नहीं आएगा।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार ने अमेरिका को कुछ माह पहले स्पष्ट शब्दों में कह दिया था कि भारत दबाव में नहीं आएगा, वह ट्रेड डील समझौते के लिए डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल खत्म होने का इंतजार कर लेगा।
कब हुई थी दोनों की बैठक?
ब्लूमबर्ग ने सितंबर 2025 की शुरुआत में रिपोर्ट किया था कि भारत के एनएसए अजित डोभाल और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच बैठक हुई है, जिसमें भारत सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है।
यह मीटिंग भारत पर ट्रंप प्रशासन के लगातार निशाने साधने और भारतीय निर्यात पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को लेकर की गई थी।
अजित डोभाल ने अमेरिकी अधिकारियों को यह भी कहा कि मोदी सरकार ट्रंप का कार्यकाल खत्म होने तक इंतजार करने को तैयार है, क्योंकि भारत पहले भी अन्य शत्रुतापूर्ण अमेरिकी प्रशासनों का सामना करना पड़ा है। साथ ही यह भी कहा कि भारत सरकार चाहती है कि ट्रंप और उनके सहयोगी भारत की सार्वजनिक आलोचना कम करें जिससे दोनों देशों के संबंध फिर से पटरी पर आ सके।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट नई दिल्ली के उन अधिकारियों से मिली जानकारी पर आधारित थी, जिन्हें इस बैठक की जानकारी थी। अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर यह जानकारी दी क्योंकि बैठक कॉन्फिडेंशियल थी।
बैठक के बाद दिखी थी नरमी
इस बैठक के बाद ट्रंप और उनके सहयोगियों की बयानबाजी में कुछ नरमी दिखा और डोनाल्ड ट्रंप ने सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिन पर फोन कर शुभकामनाएं दीं।
यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को भारत के साथ एक ट्रेड डील समझौते की घोषणा की, जिसमें टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर इसकी घोषणा की थी।
अपने पोस्ट में ट्रंप ने कहा, “आज (सोमवार) सुबह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करना मेरे लिए सम्मान की बात थी। वे मेरे सबसे अच्छे दोस्तों में से एक हैं और अपने देश के एक शक्तिशाली और सम्मानित नेता हैं। हमने ट्रेड डील, रूस-यूक्रेन के साथ युद्ध खत्म करने समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। वे रूसी तेल खरीदने से बंद करने और अमेरिका और संभवत: वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदने पर सहमत हुए हैं।”
पीयूष गोयल ने बताया डील पूरी हुई
इधर मामले को लेकर मंगलवार को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “अमेरिका के साथ बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील अब पूरा हो गया है। आगे पीयूष गोयल ने कहा, अमेरिका के साथ बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। यह एक अहम ट्रेड डील है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र और देश की जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए कल रात अंतिम रूप दिया गया है।”
आगे उन्होंने दावा करते हुए कहा, “यह एक ऐसी डील है, जो भारत के भविष्य को और मजबूत करेगी। मैं 140 करोड़ नागरिकों की ओर से पीएम मोदी को धन्यवाद देता हूं और सभी को बधाई देता हूं क्योंकि यह देश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।”
कृषि और डेयरी समझौते से अलग
पीयूष गोयल ने यह भी कहा, “सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था के संवेदनशील क्षेत्रों, विशेष रूप से कृषि और डेयरी को इससे अलग रखा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील में भारत की अर्थव्यवस्था के संवेदनशील क्षेत्रों विशेषकर कृषि और डेयरी को संरक्षित किया है। हमें देश भर से रिपोर्ट्स मिली हैं, इस संबंध में व्यापक उत्साह है।”
उन्होंने आगे कहा कि दोनों देश जल्द ही एक संयुक्त बयान जारी करेंगे, जिसमें सभी डिटेल होंगे और जिसपर अमेरिका और भारत के बीच जल्द साइन किया जाएगा। आगे पढ़िए ‘हमारे मंदिरों को लूटा गया और हम मूक दर्शक बनकर देखते रहे’, अजित डोभाल ने क्यों कही ये बात?
