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LAC विवादः कल NSA अजित डोवाल ने साधा था चीन से संवाद, आज 1-2 किमी पीछे हटे PLA के जवान

तनाव को कम करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने रविवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी से बात की थी। जिसके बाद चीनी सेना गलवान घाटी से 1-2 किमी पीछे हट गई है। वांग ली ही चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी हैं।

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Published on: July 6, 2020 4:51 PM
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने रविवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी से बात की। (indian express file)

पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव अब भी जारी है। लेकिन गलवान, लद्दाख में भारतीय और चीनी सैनिक पीछे हटना शुरू हो गए हैं। यह पिछले 48 घंटों में गहन कूटनीतिक, सैन्य इंगेजमेंट और संपर्कों का नतीजा है। तनाव को कम करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने रविवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी से बात की थी। जिसके बाद चीनी सेना गलवान घाटी से 1-2 किमी पीछे हट गई है। वांग ली ही चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी हैं।

डोभाल ने कल वीडियो कॉल पर चीनी विदेश मंत्री और राज्य के काउंसलर वांग यी से बातचीत की। सूत्रों का कहना है कि बातचीत सौहार्दपूर्ण और दूरदर्शी तरीके से हुई। डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी की बातचीत का फोकस पूरी तरह से और स्थायी तौर पर शांति वापस लाना और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए एक साथ काम करना था। सोमवार को सूत्रों के हवाले से खबर आई कि चीन की सेना ने गलवान घाटी से अपने टेंट समेटने शुरू कर दिए हैं और करीब एक-दो किमी तक पीछे हट गई है।

सूत्रों के मुताबिक चीनी सैनिकों के पीछे हटने पर भारतीय साइड संघर्ष वाले सभी चार प्वाइंट पर निगरानी कर रही है इसमें PP-14 (गैलवान नदी घाटी), PP-15, हॉट स्प्रिंग्स और फिंगर एरिया शामिल है। अलग-अलग जगहों पर सैनिकों के पीछे हटने की संख्या अलग है।

चीन ने यह स्‍वीकार कर लिया है कि भारत के साथ लद्दाख में LAC पर तनाव घटाने की दिशा में महत्‍वपूर्ण प्र‍गति हुई है। चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी लार कहा है कि भारत और चीन के सैन्‍य कमांडरों के बीच बातचीत हुई है और तनाव को घटाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

चीन और भारत के बीच बॉर्डर पर मई से ही तनाव की स्थिति बनी हुई थी। गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक लेह पहुंच गए थे। पीएम मोदी नीमू पोस्ट तक गए थे, जहां बड़ी संख्या में जवान मौजूद हैं। यहां से ही पीएम मोदी ने चीन को संदेश दिया था और कहा था कि विस्तारवाद का वक्त अब टल गया है, ये समय विकासवाद का है।

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