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एनआरसी व‍िवाद: छूट गए लोगों के ल‍िए सरकार ने बताई एक अहम शर्त

एनआरसी असम समन्वयक कार्यालय के एक अधिकारी ने आज कहा कि सिर्फ वही पंजी पर दावा और आपत्ति करने के लिए योग्य होंगे जिन्होंने 31 अगस्त 2015 की आखिरी तारीख तक अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए आवेदन दिया था।

Author नई दिल्ली | August 6, 2018 6:45 PM
जो एनआरसी की लिस्ट में नहीं उन्हें नहीं देश में रहने का अधिकार

एनआरसी असम समन्वयक कार्यालय के एक अधिकारी ने आज कहा कि सिर्फ वही पंजी पर दावा और आपत्ति करने के लिए योग्य होंगे जिन्होंने 31 अगस्त 2015 की आखिरी तारीख तक अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए आवेदन दिया था। राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के एक अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि जिन लोगों ने 31 अगस्त 2015 तक आवेदन नहीं किया था, वे दावा और आपत्ति दाखिल करने के लिए तय समयसीमा 10 अगस्त और 28 सितंबर के बीच आवेदन नहीं कर सकते। अधिकारी ने बताया कि जो लोग 2015 में अपना आवेदन नहीं कर सके थे, उनके बारे में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कोई फैसला अंतिम एनआरसी के प्रकाशन के बाद किया जाएगा। अंतिम एनआरसी का प्रकाशन सभी दावे और आपत्तियां निबटाने, शुद्धि करने के बाद ही किया जाएगा और इसके प्रकाशन की तारीख उच्चतम न्यायालय तय करेगा।

उन्होंने कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री अनवरा तैमूर और पूर्व राष्ट्रपति फखरूद्दीन अली अहमद के रिश्तेदारों समेत अनेक नामी-गिरामी हस्तियों ने निश्चित समयसीमा के भीतर अपना आवेदन नहीं किया था और इसी लिए उनका नाम सूची से गायब है। अंतिम एनआरसी में सिर्फ उन्हीं लोगों के नाम होंगे जो आवेदन करने की आखिरी तारीख को या उससे पहले पैदा हुए होंगे। उन्होंने कहा कि 31 अगस्त 2015 के बाद पैदा हुए किसी बच्चों को दावा के मार्फत शामिल नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि अगर कोई आवदेनकर्ता आवेदनपत्र दाखिल किए जाने के बाद मरता है और अगर वह योग्य है तो उसका नाम अंतिम एनआरसी से नहीं हटाया जाएगा।
दावा और आपत्तियां नागरिक पंजीयन के स्थानीय पंजीयक को एनआरसी सेवा केन्द्रों (एनएसके) में जमा करना होगा और इन्हें आॅनलाइन अंजाम नहीं दिया जा सकता। शुद्धियां आॅनलाइन की जा सकती हैं। अधिकारी ने बताया कि दावा सिर्फ उन ही एनएसके में दाखिल किया जा सकता जहां उसने अपना आवेदन दाखिल किया था, भले ही उसका पता बदल क्यों न गया हो। आपत्तियां सिर्फ उसके निÞवास से जुड़े एनएसके में की जा सकती हैं और उसे आपत्ति का आधार बताना होगा। दावा, आपत्ति और शुद्धि के फॉर्म एनएसके में उपलब्ध कराए जाएंगे। इन्हें 10 अगस्त से एनआरसी वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। दावा, आपत्ति और शुद्धि के फॉर्म अलग-अलग होंगे।

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