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शराब पीकर गाड़ी चलाने पर अब लगेगा दस हजार रुपए का जुर्माना, घर बैठे बनेगा लाइसेंस

इस संबंध में लोकसभा में एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया गया है

Author April 8, 2017 1:42 PM
नशे में धुत होकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ गुजरात पुलिस ने नया अभियान चलाया है। (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

शराब पीकर गाड़ी चलाना आने वाले दिनों में बहुत महंगा पड़ने वाला है। नशे की हालत में गाड़ी चलाते पकड़े गए तो अब दस हजार रुपए का जुर्माना भरना पड़ेगा। इस संबंध में लोकसभा में एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया गया है। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि वर्ष 1988 के मोटर यान कानून में 30 साल बाद संशोधन करने के लिए यह विधेयक लाया गया है। उन्होंने विधेयक को जल्द से जल्द पारित करने की सदन से अपील करते हुए कहा कि देश में दुनिया में सबसे ज्यादा पांच लाख सड़क हादसे सालाना होते हैं जिनमें डेढ़ लाख लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है।

घर बैठे करें लाइसेंस के लिए एप्लाई:

गडकरी ने इन हादसों के लिए कम प्रभावी ड्राइविंग लाइसेंस नियमों से लेकर यातायात नियमों को जिम्मेदार ठहराया और साथ ही कहा कि जनता में यातायात नियमों के प्रति न सम्मान है और न ही डर। उन्होंने बताया कि विधेयक में यातायात नियमों और ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के संबंध में राज्यों के लिए ई-गर्वनेंस को अनिवार्य किया गया है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि दुनिया में भारत एक ऐसा देश है जहां ड्राइविंग लाइसेंस बहुत आसानी से मिल जाता है और एक व्यक्ति चार-चार राज्यों में जाकर ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लेता है। गडकरी ने कहा कि अब लोग घर बैठे लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे लेकिन स्थायी लाइसेंस बनवाने के लिए कम्प्यूटर के जरिए परीक्षा देनी होगी। उन्होंने कहा, “नेता, अभिनेता या पत्रकार चाहे कोई भी हो, सबको परीक्षा देकर ही लाइसेंस मिल सकेगा।”

भाजपा के उदय प्रताप सिंह ने कहा कि यह विधेयक देश में आमूल-चूल परिवर्तन लेकर आएगा। इसके माध्यम से देश में वर्ष 2020 से पहले सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत की कमी लाने का प्रयास किया जाएगा। सिंह ने कहा कि विधेयक में सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्ति की मदद करने वाले को किसी भी दीवानी या आपराधिक कार्रवाई से मुक्त करने का प्रावधान एक महत्वपूर्ण निर्णय है जिससे लोग दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएंगे।

बीजद के तथागत सथपति ने एक तरफ केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इस विधेयक के लिए गडकरी की तारीफ की। सथपति ने मांग की कि विधेयक में प्रावधान होना चाहिए कि नशे में गाड़ी चलाने और गंभीर रूप से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों का वाहन जब्त कर नीलाम कर दिया जाए और उनका लाइसेंस हमेशा के लिए निरस्त कर दिया जाए। हालांकि अपने चिर-परिचित व्यंग्यात्मक और चुटीले अंदाज में उन्होंने यह भी कहा कि दोपहिया वाहनों पर हेलमेट की जांच के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया जाता है।

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