मतदाताओं के लिए रविवार को पूरी दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विशेष शिविर लगाए गए। जनसत्ता ने शिविरों में पहुंचकर पड़ताल की तो उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई। सीलमपुर, बाबरपुर और मुस्तफाबाद में बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं।
इनमें बाबरपुर विधानसभा क्षेत्र में 45 से 47 हजार से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई। राजकीय उच्चतर माध्यमिक कन्या विद्यालय स्थित मतदान केंद्र पर जनता कालोनी, जनता मजदूर कालोनी और आसपास के क्षेत्रों के लोग नोटिस और जवाब के लिए जरूरी दस्तावेज लेकर पहुंचे।
शहजाद अहमद अपनी पत्नी तरन्नुम जहां का नोटिस लेकर शिविर पहुंचे
शहजाद अहमद अपनी पत्नी तरन्नुम जहां का नोटिस लेकर शिविर पहुंचे। उनका कहना था कि नोटिस में पिछले एसआईआर के दौरान पत्नी, उनके माता-पिता और अन्य परिजनों के दर्ज विवरण के आधार पर उम्र के अंतर को लेकर आपत्ति जताई गई है। इसमें जन्म के बीच नौ महीने से कम का अंतर होने का उल्लेख किया गया है। शहजाद का सवाल था कि यदि किसी परिवार में दो बच्चों का जन्म नौ महीने से कम अंतर पर हुआ हो तो इसके लिए वह कौन सा दस्तावेज पेश करें। उन्होंने कहा कि वह एसआईआर में अपने नाम से जुड़ी विसंगतियां दूर कराने के लिए लगातार कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है।
आबिद अली और अंबर जावेद अपनी पत्नियों के साथ नोटिस का जवाब देने पहुंचे। उन्होंने बताया कि नाम में अंतर से जुड़ी समस्या थी, जिसे दूर करा लिया गया है। उनके मुताबिक व्यवस्था ठीक है, लेकिन नोटिस लेकर आने वालों की संख्या बहुत अधिक है। परवेज सुल्तान ने बताया कि शिविर में उनका काम पूरा होने में करीब दो घंटे लगे।
वहीं रेशम ने कहा कि उन्हें एसआइआर की तारीख एक महीने बढ़ाए जाने की जानकारी नहीं थी, इसलिए वह रविवार को ही शिविर पहुंच गईं। बताया गया कि अकेले जनता कालोनी क्षेत्र के 600 से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी हुए हैं। इसके अलावा बाबरपुर विधानसभा क्षेत्र के एमसीडी प्रतिभा विद्यालय, जनता मजदूर कालोनी और सीलमपुर विधानसभा क्षेत्र के जीनत महल सर्वोदय कन्या विद्यालय (उर्दू माध्यम), जाफराबाद समेत अन्य केंद्रों पर भी बड़ी संख्या में मतदाता नोटिस लेकर पहुंचे।
एलआइजी फ्लैट्स में रहने वाले दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी भी अपने और परिवार के सदस्यों को मिले नोटिस का जवाब देने के लिए दस्तावेज लेकर शिविर पहुंचे। उनके परिवार के चार सदस्यों के नाम में अंतर की समस्या थी, जिसे दस्तावेजों के आधार पर दूर कराया गया।
वहीं, कुछ लोग ऐसे भी मिले जिन्हें क्षेत्र के बीएलओ की ओर से बनाए गए ग्रुप में ही नोटिस की जानकारी मिली। एलआइजी फ्लैट्स के बीएलओ ने बताया कि नौ मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है, लेकिन उन्होंने अभी तक दस्तावेज जमा नहीं कराए हैं। इनमें कुछ किरायेदार भी हैं, जो अपने दावे के समर्थन में दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।
पुरानी सूची की गलती बनी समस्या
इलाके के निवासी सहीमुद्दीन ने बताया कि उत्तर प्रदेश की पिछली एसआईआर में उनका नाम ‘नसीमुद्दीन’ दर्ज हो गया था, जबकि उनके सभी मौजूदा दस्तावेजों में नाम सहीमुद्दीन है। उनके पास पैन कार्ड, पासपोर्ट समेत अन्य दस्तावेज भी इसी नाम से हैं और दिल्ली की मतदाता सूची में भी यही नाम दर्ज है। सहीमुद्दीन का कहना था कि सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने के बावजूद समस्या दूर नहीं हो रही है। वह लगातार चुनाव कार्यालय और विशेष शिविरों के चक्कर लगा रहे हैं। उनका सवाल था कि पिछली एसआइआर में नाम गलत दर्ज होने में उनकी क्या गलती है। एक अन्य निवासी मोहम्मद इरफान ने बताया कि वो मतदाता सूची में दर्ज अपने नाम को सही कराने आए हैं।
उम्र के अंतर को लेकर आपत्ति
मोहम्मद इमरान के मामले में भी उम्र के अंतर को लेकर आपत्ति जताई गई है। नोटिस में उनके जन्म और पिता की जन्मतिथि के बीच करीब 50 वर्ष का अंतर बताया गया है। इमरान का कहना था कि वह परिवार में सबसे छोटे हैं और उनका जन्म वर्ष 1987 में हुआ था। उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी व्यक्ति की संतान उसके जन्म के 50 वर्ष बाद नहीं हो सकती? उन्होंने अधिकारियों को अपने दस्तावेज दिखाकर आपत्ति दूर कराने की कोशिश की।
यह भी पढ़ें: SIR पर दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीने में 14 बार आपत्ति दर्ज कराई, फॉर्म-6 में बदलाव पर भी दी चेतावनी
भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने जून 2025 में बिहार से ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) के तहत वोटर लिस्ट के संशोधन की प्रक्रिया शुरू की। एसआईआर के तहत 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 13 करोड़ से ज्यादा नाम हटाए गए। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
