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फूलन देवी की बहन बोलीं- शेर सिंह राणा नहीं, पति ने की बैंडिट क्वीन की हत्या

अब फूलन देवी की छोटी बहन और इस मामले की चश्मदीद गवाह मुन्नी देवी ने नया खुलासा कर दिया है। मुन्नी देवी का कहना है कि फूलन देवी की हत्या शेर सिंह राणा ने नहीं की है, उसे फंसाया गया है। फूलन देवी का असली कातिल उसका पति उम्मेद सिंह है।

अपने पति उम्‍मेद सिंह के साथ पूर्व दस्‍यु सुन्‍दरी और सांसद फूलनदेवी। फोटो- एक्‍सप्रेस आर्काइव

कभी चंबल के बीहड़ों में बैंडिट क्वीन के नाम से मशहूर रहीं फूलन देवी, बाद में सांसद भी बन गई थीं। उनकी हत्या दिल्ली में उनके बंगले के बाहर कर दी गई थी। अब फूलन देवी की छोटी बहन और इस मामले की चश्मदीद गवाह मुन्नी देवी ने नया खुलासा कर दिया है। मुन्नी देवी का कहना है कि फूलन देवी की हत्या शेर सिंह राणा ने नहीं की है, उसे फंसाया गया है। फूलन देवी का असली कातिल उसका पति उम्मेद सिंह है। बता दें कि मुन्नी देवी और शेर सिंह राणा दोनों पर फूलन देवी की हत्या में शामिल होने के आरोप लगे थे। दोनों ने ही 13 साल का वक्त जेल में बिताया है। मुन्नी देवी रविवार (20 मई) को आगरा में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय सम्मेलन में बोल रही थीं। मुन्नी देवी ने कहा कि शेर सिंह राणा सरकार के बनाए हुए गहरे षडयंत्र का शिकार हुआ है।

उम्मेद ने दीदी से बोला था झूठ: मुन्नी देवी ने न्यायपालिका से अपील की कि असली अपराधी को सलाखों के पीछे भेजकर ऐतिहासिक सजा दी जाए।मुन्नी देवी ने मांग की कि शेर सिंह राणा को 13 साल बेकसूर जेल में रखने के लिए उसे मुआवजा दिया जाना चाहिए। मुन्नी देवी ने कहा,”दीदी (फूलन देवी) का पति उम्मेद सिंह उनकी हत्या के लिए जिम्मेदार है। उम्मेद ने दीदी ने झूठ बोला कि वह कुंवारा है और उससे शादी कर ली। बाद में बहन जी को उसकी पहली पत्नी और बेटी के बारे में पता चला।” मुन्नी देवी ने आरोप लगाया कि उम्मेद सिंह ने फूलन देवी से सिर्फ उसका रसूख और पैसा पाने के लिए शादी की थी।

मर्डर से पहले किसने की मुखबिरी: 2002 में अपने इंटरव्यू में मुन्नी देवी ने फूलन देवी की मौत पर सवाल उठाए थे। मुन्नी देवी ने कहा था,”बहन जी (फूलन देवी) दोपहर एक बजे संसद से समाजवादी पार्टी की कार से बाहर निकली थीं। उस दौरान शेर सिंह राणा उर्फ पंकज उनका पीछा कर रहा था। सवाल ये है कि शेर सिंह को कैसे पता था कि बहन जी किस गाड़ी से बाहर निकलेंगी। जाहिर सी बात है कि कोई संसद से लगातार शेर सिंह को सारी जानकारी दे रहा था। जैसे ही बहन जी गाड़ी से नीचे उतरीं और बालेन्द्र (गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी) ने दरवाजा खोला। दाहिनी ओर से आकर शेर सिंह ने उन पर गोलियों की बौछार कर दी। एक गोली उनके सिर में लगी और वह गिर पड़ीं। जिस वक्त गोली चली मैं किचन में थी। जब तक मैं पहुंची बहन जी गेट पर ही मर चुकी थीं।

राणा को है न्यायपालिका पर भरोसा : स्वयंभू राजपूत नेता, शेर सिंह राणा ने दावा किया था कि उसे दिल्ली पुलिस ने झूठा फंसाया है। उसने कहा,”कोई नहीं जानता कि दिल्ली पुलिस किसके दबाव में काम कर रही है। मुझे एक दिन इंसाफ मिलेगा, मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।” हाल ही में शेर सिंह राणा पर सहारनपुर में भीम आर्मी नेता के भाई सचिन वालिया की हत्या के आरोप भी लगे थे। राणा इस वक्त फूलन देवी हत्याकांड में जमानत पर चल रहा है। वह राजपूत महासभा का अध्यक्ष भी है। राणा का नाम उन चार लोगों में शामिल है, जिन्हें सचिन वालिया की मां कान्ति वालिया ने आरोपी बनाया है।

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