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दुनिया कि टॉप 200 यूनिवर्सिटीज में भारत की एक भी नहीं

दिल्ली, कानपुर और मद्रास के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भी कम से कम एक बैंड नीचे खिसक गये हैं।

इसके लिए संस्थान के अनुसंधान प्रभाव स्कोर और अनुसंधान आय में गिरावट को कारण बताया गया है। (सांकेतिक फोटो)

दुनियाभर के विश्वविद्यालयों की वरीयता सूची में भारत एक बिंदु नीचे खिसककर 31 से 30 वें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं ग्लोबल 1000 सूची में आॅक्सफोर्ड और कैंब्रिज विश्वविद्यालय अव्वल बने हुए हैं। टाइम्स हायर एजुकेशन द्वारा जारी वार्षिक वर्ल्ड यूनिर्विसटी रैंंकिंग में भारत का प्रमुख संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ साइंस पिछले साल के 201-250 के बैंड से 251-300 में आ गया है। इसके लिए संस्थान के अनुसंधान प्रभाव स्कोर और अनुसंधान आय में गिरावट को कारण बताया गया है।

दिल्ली, कानपुर और मद्रास के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भी कम से कम एक बैंड नीचे खिसक गये हैं। टाइम्स हायर एजुकेशन के लिए ग्लोबल रैंंकिंग के संपादकीय निदेशक फिल बैटी ने कहा, ‘‘यह निराशाजनक है कि बढ़ती वैश्विक स्पर्धा के बीच टीएचई की वर्ल्ड यूनिर्विसटी रैंंकिंग में भारत नीचे आ गया है। एक तरफ चीन, हांगकांग और सिंगापुर जैसे दूसरे एशियाई देशों के शीर्ष संस्थानों की रैंंकिंग लगातार बढ़ रही है, जिसके लिए आंशिक रूप से उच्च स्तर का सतत निवेश एक बड़ा कारण है, वहीं भारत का प्रमुख संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ साइंस शीर्ष 200 संस्थानों से नीचे खिसक गया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि यह सकारात्मक खबर भी है कि भारत की संपूर्ण अनुसंधान आय और गुणवत्ता इस साल बढ़ गयी है और देश के विश्वस्तरीय विश्वविद्यालयों की योजना दिखाती है, कि ये उच्च शिक्षा में निवेश को महत्व देते हैं जिससे आगामी सालों में भारत की रैंंकिंग गिरने के बजाय बढ़ सकती है।

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