ताज़ा खबर
 

मुसलमानों को चुन-चुन कर मार रही भीड़: आखिरी फोन कॉल, फिर नाले में मिली थीं हाशिम और आमिर की लाशें- पढ़ें दिल्‍ली दंगे की चार्जशीट

दिल्ली पुलिस ने दोनों भाईयों की हत्याओं के संबंध में चार जून को कड़कड़डूमा कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें उनके पिता बाबू खान के बयान के आधार पर आखिरी एक घंटे का विस्तार से उल्लेख किया गया है।

northeast delhi riotsपूर्वोत्तर दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों में पचास से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे।

पूर्वोत्तर दिल्ली में सांप्रदायिक दंगों के दौरान 26 फरवरी को रात 9 से 9:30 बजे के बीच हाशिम अली (19) और आमिर खान (30) ने अपने घर से महज पांच मिनट की दूरी पर परिवार को फोन किया। दोनों भाईयों ने बताया कि वो बहुत डर हुए हैं, क्योंकि बाहर भीड़ जमा हो रही थी जो मुसलमानों को निशाना बना रही थी। उसी रात करीब दस बजे दोनों के फोन स्विच ऑफ हो गए। बाद में दंगाईयों के हाथों मारे गए जिन 9 लोगों के शव नाले से निकाले गए उनमें हाशिम और आमिर की लाशें भी शामिल थीं।

दिल्ली पुलिस ने दोनों भाईयों की हत्याओं के संबंध में चार जून को कड़कड़डूमा कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें उनके पिता बाबू खान के बयान के आधार पर आखिरी एक घंटे का विस्तार से उल्लेख किया गया है। दोनों भाई गाजियाबाद में एक रिश्तेदार के घर में ठहरे थे और 26 फरवरी को दोनों ने पूर्वोत्तर दिल्ली स्थित अपने घर लौटने का निर्णय लिया। दरअसल उन्होंने सुना था कि क्षेत्र के हालात में अब सुधार हुआ है।

बाबू खान ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि उस रात 9 से 9:30 बजे के बीच हाशिम ने अपने छोटे भाई नासिर अली के दोनों फोन पर कई बार फोन किया। हाशिम ने उसे बताया कि वो गोकलपुरी गंदा नाला पर पहुंच चुके हैं और पांच मिनट के भीतर घर पहुंच जाएंगे। मगर वो बहुत डरे हुए क्योंकि सड़क पर भीड़ जमा हो रही थी और मुसलमानों की पहचान के बाद उन्हें मार रही थी।

खान ने बताया कि उसने परिवार के सदस्यों से गेट के बाहर मिलने के लिए भी कहा। वो बहुत ज्यादा डरे हुए थे। करीब दस बजे परिवार ने हाशिम और आमिर को फोन करने की कोशिश की मगर दोनों के फोन स्विच ऑफ हो चुके थे। अपने बेटों की स्थिति का पता लगाने के लिए हमने कोई फोन किया मगर उन्हें खोज नहीं सके।

Bihar, Jharkhand Coronavirus LIVE Updates

इसके बाद बाबू खान 28 फरवरी को सुबह नौ बजे अपने बेटों का पता लगाने के लिए गोकलपुरी पुलिस स्टेशन पहुंचे। मगर दोनों की खोज उस समय समाप्त हो गई जब एएसआई राम दास उन्हें जीटीबी हॉस्पिटल के मुर्दाघर में लेकर गए, यहां बाबू खान ने अपने बेटों के शवों की पहचान की। पुलिस चार्जशीट के मुताबिक दोनों भाईयों की हत्या भीड़ द्वारा की गई, इसके बाद दोनों के शव भागीरिथी विहार नाला में फेंक दिए गए। सबूतों को नष्ट करने के लिए उनकी अपाचे बाइक को जला दिया।

बाबू खान का केस लड़ रहे एडवोकेट महमूद प्राचा कहते हैं कि पुलिस के पास व्हाट्सएप चैट सहित सभी तरह के सबूत हैं। मगर पुलिस ने सिर्फ छोटे प्यादों को ही गिरफ्तार किया है। पुलिस को इन सभी व्यक्तियों के सीडीआर की जांच करनी चाहिए कि ताकि यह पता लगाया जा सके कि तार कहां तक जुड़े हैं।

दोनों भाईयों सहित नौ लोगों की हत्या के मामले में पुलिस ने अब तक 11 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस ने बताया कि आरोपी क्रोध से भरे हुए थे क्योंकि मुसलमानों द्वारा हिंदुओं को निशाना बनाने की कई खबरें सर्कुलेट हो रही थीं। एक आरोपी ने कट्टर हिंदुत्व एकता नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप पर मुस्लिम पुरुषों को मारने की साजिश रची, जिसमें कम से कम 125 सदस्य थे।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 राजीव गांधी फाउंडेशन को रिलायंस इंडस्ट्रीज से लेकर मेहुल चौकसी, टीवीएस मोटर तक ने दिए डोनेशन, देखें- दानदाताओं की लिस्ट
2 लॉकडाउन लागू कराने के लिए केरल ने उतारे स्पेशल आर्म्ड फोर्स के कमांडो, मछुआरों को समुद्री रास्ते से तमिलनाडु पहुंचने से रोकने के लिए कोस्ट गार्ड भी तैनात
3 विकास के शूटर अमर दुबे को करीबियों ने ही करवाया ढेर, नौ दिन पहले ही जबरन लड़की उठाकर की थी शादी
ये पढ़ा क्या?
X