दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कई राज्यों में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 19 जून से अगले दो दिनों तक दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में आंधी, बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
राजस्थान में 21 और 22 जून को मौसम और अधिक सक्रिय रहने का अनुमान है, जबकि पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 19 से 20 जून के बीच गरज-चमक के साथ बारिश संभव है। उत्तराखंड में 18 से 20 जून तक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहीं हिमाचल प्रदेश में 20 से 22 जून के बीच हल्की बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। जम्मू-कश्मीर में 23 से 24 जून तक लगातार बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी।
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 18 से 24 जून के बीच रुक-रुक कर बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि 20 से 22 जून के दौरान आंधी और बिजली गिरने का भी अलर्ट है। बिहार और झारखंड में 18 से 24 जून तक मॉनसून की गतिविधियां सक्रिय रहने की उम्मीद है, जिसमें कई स्थानों पर लगातार बारिश हो सकती है।
झारखंड में 19 और 20 जून को विशेष रूप से तेज आंधी और गरज के साथ बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पूर्वी भारत के अंडमान-निकोबार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 24 जून तक भारी बारिश का पूर्वानुमान है। ओडिशा में 21 से 24 जून तक बारिश की स्थिति बनी रह सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अनुकूल परिस्थितियां न बनने के कारण मॉनसून अभी बिहार और झारखंड से आगे उत्तर भारत की ओर नहीं बढ़ पा रहा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में फिलहाल मॉनसून की बारिश के लिए लोगों को थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है, हालांकि प्री-मॉनसून गतिविधियां जारी रहेंगी। इस बदलते मौसम के चलते तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से आंशिक राहत मिलने की संभावना है।
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विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की ‘एशिया में जलवायु की स्थिति 2025’ रिपोर्ट ने महाद्वीप में तेजी से बढ़ते जलवायु संकट की गंभीर तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार 1991-2025 के दौरान एशिया में तापमान वृद्धि की दर 1961-1990 की तुलना में लगभग दोगुनी रही, जो वैश्विक औसत से भी अधिक है। वर्ष 2025 एशिया के सबसे गर्म वर्षों में से एक रहा, जिसमें अभूतपूर्व समुद्री गर्मी और व्यापक समुद्री लू दर्ज की गई। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक
