Flood in North East: अरुणाचल प्रदेश और असम में भारी बारिश की वजह से पूर्वोत्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान हुआ है। इसमें असम के धेमाजी जिले में एक रेलवे पुल का एक बड़ा हिस्सा तक ढ़ह गया है, जिसके चलते क्षेत्र में रेल यातायात बाधित हो गया है। रेलवे ने रूट पर संचालन बंद कर दिया है।
असम के ऊपरी हिस्से में स्थित धेमाजी जिले में 24 घंटों में 110 मिमी से अधिक बारिश होने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे रेलवे पुल ढह गया और तिनसुकिया डिवीजन के अंतर्गत मुरकोंगसेलेक और सिलापाथर के बीच रेल परिचालन निलंबित हो गया।
क्यों गिर गया दशकों पुराना पुल?
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के एक अधिकारी ने बताया, “इस पुल का निर्माण 1965 में हुआ था और बाद में इसे ब्रॉड गेज में परिवर्तित किया गया, अच्छी और सुरक्षित स्थिति में था, लेकिन भारी बारिश के दौरान नदी के किनारे का एक बड़ा हिस्सा बह जाने के कारण इसका एक खंभा अस्थिर हो गया।”
अधिकारी ने बताया, “किसी भी ट्रेन को कोई नुकसान नहीं हुआ है और न ही किसी व्यक्ति को कोई चोट आई है। यह कम यातायात वाली शाखा लाइन है, और नदी में भारी बाढ़ के कारण पहले ही सभी यातायात रोक दिया गया था।”
असम में बाढ़ से प्रभावित 20 हजार से ज्यादा लोग
बारिश और उससे मची तबाही को लेकर असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने अनुमान लगाया है कि रविवार शाम तक धेमाजी में बाढ़ से लगभग 15,483 लोग प्रभावित हुए थे, जबकि पूरे राज्य में प्रभावित लोगों की कुल संख्या 22,124 थी।
मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा,”धेमाजी में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने के बाद से मैं स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा हूं। इससे हमारे लोगों के जीवन पर जो प्रभाव पड़ा है, उससे हम बेहद दुखी हैं और इस कठिन समय में हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। हम सरकार के समग्र दृष्टिकोण को अपना रहे हैं और प्रभावित सभी परिवारों की तत्काल सुरक्षा और दीर्घकालिक पुनर्वास को प्राथमिकता देने के लिए अपने सभी संसाधनों को जुटा रहे हैं।”
अरुणाचल में भी भारी बारिश
दूसरी ओर पूर्वोत्तर के ही एक और राज्य अरुणाचल प्रदेश में अचानक आई बाढ़ का सिलसिला जारी है। राज्य में भारी वर्षा और अचानक आई बाढ़ के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन जारी है, जिससे परिवहन मार्ग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
राज्य के पूर्वी सियांग जिले में भूस्खलन और कीचड़ खिसकने के कारण कम से कम आठ प्रमुख सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। आईएमडी द्वारा पांच जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किए जाने से राज्य में हाई अलर्ट की स्थिति पैदा हो गई है, जिसके चलते “अनावश्यक यात्रा से बचने” की सलाह जारी की गई है।
सावधानी बरतने की अपील
अरुणाचल प्रदेश के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा है कि आईएमडी अधिकारियों ने बताया कि राज्य में अगले 24 घंटों में 200 मिमी से अधिक बारिश होने की संभावना है। जिन जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए गए हैं, उनसे अनुरोध है कि वे उच्च सतर्कता बरतें और बड़े नुकसान से बचने के लिए आवश्यक एहतियाती उपाय करें।
पूर्वोत्तर में प्रत्येक वर्ष बाढ़ एक बड़ी समस्या बनती रही है, जिसके चलते लाखों लोग प्रभावित होते हैं और इस वर्ष भी बारिश की शुरुआत के साथ ही असम और अरुणाचल प्रदेश के लोगों की मुश्किलें बाढ़ और बारिश ने बढ़ा दी हैं।
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असम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कहा कि तिनसुकिया जिले में यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (इंडिपेंडेंट) के दो हथियारबंद कैडर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने ‘बड़े पैमाने पर होने वाले आतंकी हमले’ को टाल दिया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को तिनसुकिया जिले के जगुन में गिरफ्तार किए गए दो लोगों की पहचान खुद को ‘सेकंड लेफ्टिनेंट’ बताने वाले 27 वर्षीय हुमेनज्योति बरुआ और 30 वर्षीय पापू मोरन के तौर पर की है। दोनों तिनसुकिया जिले के रहने वाले हैं। पढ़िए पूरी खबर…
