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खादी उद्योग के कैलेंडर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर पर बीजेपी बोली-कोई नहीं ले सकता बापू की जगह

इस कदम से क्षुब्‍ध KVIC कर्मचारियों ने गुरुवार को विले-पार्ले मुख्‍यालय में शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने का फैसला किया।

पीएम मोदी की इसी तस्वीर पर बवाल मचा है।

खादी ग्राम उद्योग आयोग (KVIC) द्वारा साल 2017 के लिए प्रकाशित कैलेंडर और टेबल डायरी से इस बार राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी के गायब रहने पर लोगों का गुस्सा साफ दिखा। खुद केवीआईसी के कर्मचारी भी यह कैलेंडर देखकर हैरान रह गए। वहीं बीजेपी सरकार ने शुक्रवार (13 जनवरी) को इस बारे में सफाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जगह कोई नहीं ले सकता। केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने कहा कि मैंने अब तक कैलेंडर नहीं देखा है उन्होंने कहा कि कैलेंडर पूरे 12 महीने का है और सिर्फ एक ही पेज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोटो है। मिश्र ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि मोदी ने बापू की जगह ले ली है। वहीं खादी ग्राम उद्योग आयोग ने कहा कि एेसा कोई नियम नहीं है कि कैलेंडर पर बापू की तस्वीर होनी ही चाहिए। मोदी की यह तस्‍वीर गांधी के सूत कातने वाले क्‍लासिक पोज में है। जहां एक साधारण से चरखे पर अपने ट्रेडमार्क पहनावे में खादी बुनते गांधी की ऐतिहासिक तस्‍वीर थी, वहां अब कुर्ता-पायजामा-वेस्‍टकोट पहने मोदी नया चरखा चलाते दिखते हैं।

आपको बता दें कि इस कदम से क्षुब्‍ध KVIC कर्मचारियों ने गुरुवार को विले-पार्ले मुख्‍यालय में शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने का फैसला किया और भोजनावकाश के समय मुंह पर काली पट्टी बांधी। इस संबध में जब KVIC चेयरमैन विनय कुमार से पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि यह ‘असामान्‍य’ नहीं है और पूर्व में भी ऐसा होता रहा है। वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस तस्वीर पर पीएम की आलोचना करते हुए कहा कि गांधी बनने के लिए वर्षों की तपस्या चाहिए। सिर्फ चरखा चलाने की एक्टिंग कर ही कोई गांधी नहीं बन जाता।

सक्‍सेना ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, ”पूरा खादी उद्योग की गांधीजी के दर्शन, विचारों और आदर्शों पर टिका हुआ है, वह KVIC की आत्‍मा हैं। इसलिए उन्‍हें नजरअंदाज करने का सवाल ही नहीं है।” उन्‍होंने कहा कि मोदी लंबे समय से खादी पहनते रहे हैं और उन्‍होंने इसे देश में और विदेशी हस्तियों के बीच लोकप्रिय बनाया है, वह खादी के इर्द-गिर्द अपना स्‍टाइल गढ़ते रहे हैं। सक्‍सेना ने कहा, ”दरअसल, वह (मोदी) खादी के सबसे बड़े दूत हैं और उनका विजन KVIC से मिलता है, गांवों को आत्‍मनिर्भर बनाकर ‘मेक इन इंडिया’ का। ग्रामीण जनता के बीच रोजगार सृजित कर ‘स्किल डेवलपमेंट’ का, खादी के बुनने, मार्केटिंग के लिए आधुनिक तकनीक लाना, इसके अलावा पीएम यूथ आइकन हैं।”

 

खादी ग्राम उद्योग के कैलेंडर में महात्मा गांधी की जगह पीएम मोदी की तस्वीर; केजरीवाल और तुषार गांधी ने किया विरोध, देखें वीडियो ः

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