ताज़ा खबर
 

बंद नहीं होगी ग़ैर नेट छात्रवृत्ति

सरकार ने कहा कि गैर नेट (राष्ट्रीय योग्यता परीक्षा) छात्रवृत्ति कार्यक्रम जारी रहेगा और नेट तथा गैर नेट छात्रवृत्तियों के मुद्दे पर समग्र रूप से गौर करने के लिए...

Author नई दिल्ली | Published on: October 26, 2015 12:10 AM
स्मृति ईरानी। (पीटीआई फाइल फोटो)

छात्रों की चिंता और विरोध के बीच, सरकार ने कहा कि गैर नेट (राष्ट्रीय योग्यता परीक्षा) छात्रवृत्ति कार्यक्रम जारी रहेगा और नेट तथा गैर नेट छात्रवृत्तियों के मुद्दे पर समग्र रूप से गौर करने के लिए एक समीक्षा समिति बनाई गई है।

समिति को विश्वविद्यालयों में राज्य विश्वविद्यालयों को शामिल करने की सूरत में गैर नेट छात्रवृत्ति योजना के लाभ और अवसर बड़ी संख्या में छात्रों तक पहुंचाने के पहलुओं पर गौर करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने रविवार रात एक बयान में कहा, ‘‘सरकार ने नेट और गैर नेट छात्रवृत्ति दोनों को लेकर यूजीसी द्वारा दी जाने वाली शोध छात्रवृत्तियों से संबंधित मुद्दों पर गौर करने के लिए एक समीक्षा समिति गठित करने का फैसला किया है। समीक्षा समिति दिसंबर 2015 तक मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट देगी।’’

बयान में कहा गया, ‘‘समीक्षा समिति की सिफारिशें कुछ भी हों, नेट और गैर नेट की सभी वर्तमान छात्रवृत्तियां जारी रहेंगी। पिछली तारीख से कोई बदलाव नहीं होगा।’’

बयान में कहा गया कि समिति को जिन विषयों पर विचार करने की जिम्मेदारी दी गई है उसमें योग्यता पर आधारित नेट छात्रवृत्तियों की संख्या बढ़ाने की संभावना और गैर नेट छात्रवृत्ति पाने वालों को हर महीने छात्रवृत्ति की राशि भेजने की पारदर्शी व्यवस्था शामिल हैं।

मंत्रालय ने यह बयान ऐसे समय दिया जब मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने ट्वीट करके जानकारी दी कि छात्रवृत्तियां बंद नहीं होंगी। इससे पहले उन्होंने अपने आवास पर दिल्ली विश्वविद्यालय और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र संघ के प्रतिनिधियों सहित आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।

स्मृति ने छात्रों के साथ बैठक के बाद ट्वीट किया, ‘‘(यह छात्रवृत्ति) बंद नहीं होगी। राज्य विश्वविद्यालय के छात्रों और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) को शामिल करने की जरूरत है ताकि छात्रों को सीधे तौर पर लाभ हो।’’

स्मृति ने यह ट्वीट राज्यसभा में माकपा सदस्य रीताब्रत बनर्जी की चिंता के जवाब में आया है जिन्होंने मंत्री को पत्र लिखकर गैर नेट छात्रवृत्ति खत्म करने के यूजीसी के फैसले पर चिंता जताई थी।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सात अक्तूबर को एक बैठक में गैर नेट छात्रवृत्ति की योजना बंद करने की बात कहते हुए कहा था कि छात्रवृत्ति योजना भेदभावपूर्ण प्रकृति की है और इसकी चयन प्रक्रिया में विश्वविद्यालयों के बीच एकरूपता की कमी है।

जेएनयू, डीयू, जामिया मिल्लिया, अंबेडकर विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्र पिछले सप्ताह से यूजीसी के सामने प्रदर्शन करते हुए अधिकारियों से छात्रवृत्ति बहाल करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि छात्रों ने मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कही।

इस बीच, पिछले सप्ताह से प्रदर्शन कर रहे वाम समर्थित ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने दावा किया कि प्रतिनिधिमंडल में केवल भाजपा की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों को ही शामिल किया गया।

पार्टी ने बयान में कहा, ‘‘हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे और जेएनयू में सोमवार को हड़ताल आहूत करेंगे। यूजीसी द्वारा फैसला वापस लेने का सर्कुलर जारी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।’’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
ये पढ़ा क्या?
X
Testing git commit