बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 15 जून से संचालन शुरू होगा। उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर में स्थित यह हवाई अड्डा राजधानी दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को काफी हद तक कम करने में मदद करेगा।
इस हवाई अड्डे ने नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो से अपने एयरोड्रोम सिक्योरिटी प्रोग्राम (ASP) की मंजूरी मिलने के बाद एयरलाइंस से टिकट बुकिंग के लिए संपर्क करना शुरू कर दिया है। इस मंजूरी के मिलने के साथ ही संचालन शुरू होने से पहले जरूर 45 दिनों की उल्टी गिनती शुरू हो जाती है।
जेवर एयरपोर्ट पर इंडिगो की पहली फ्लाइट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) ने ऐलान किया कि 15 जून 2026 से ऑपरेशन शुरू होने के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी और उत्तर भारत में यात्रियों, एयरलाइंस और कार्गो ऑपरेटर्स के लिए एक नया गेटवे खुल जाएगा।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इंडिगो के साथ यात्री सर्विसेज की शुरुआत होगी और इसके बाद अकासा एयर (Akasa Air) और एयर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) की सर्विसेज जेवर एयरपोर्ट पर शुरू हो जाएंगी। शेड्यूल, डेस्टिनेशन और पैसेंजर सर्विसेज से जुड़ी बाकी जानकारी जल्द ही शेयर की जाएंगी।
नोएडा एयर पोर्ट पर क्या हैं सुविधाएं?
ग्रेटर नोएडा के जेवर में बना यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर की आबादी के एक बड़े हिस्से के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों को भी सर्विसेज ऑफर करेगा। हवाई अड्डे की इमारत का उद्देश्य उत्तर प्रदेश की विशेषताओं और परंपराओं, इसके पवित्र शहरों और नदियों को प्रदर्शित करना है। अधिकारियों ने बताया कि अत्याधुनिक एयरपोर्ट में यात्रियों के आराम और सुविधा को सुनिश्चित करने के लिए सभी सुविधाएं, साधन और तकनीक मौजूद होंगी।
देश की सबसे बड़ी हवाई अड्डा परियोजनाओं में शामिल
नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजनाओं में से एक है। नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप-PPP) मॉडल के तहत लगभग 11,200 करोड़ रुपये के कुल निवेश से विकसित किया गया है। शुरुआती चरण में हवाई अड्डे की यात्री संचालन क्षमता 12 मिलियन यात्री प्रति वर्ष (एमपीपीए) होगी जो हवाई अड्डे के पूरी तरह विकसित होने तक 70 एमपीपीए तक हो जाएगा।
इसमें 3,900 मीटर लंबा रनवे है जो बड़े आकार के विमानों को ऑपरेट करने में सक्षम है। इसके साथ ही इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) और एडवांस्ड एयरफील्ड लाइटिंग समेत आधुनिक नेविगेशन सिस्टम हैं जो हर मौसम में दिन-रात ऑपरेशन में सक्षम हैं।
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राजनीतिक इच्छाशक्ति प्रबल हो तो राज्य को नक्शे की सीमाओं से निकलकर विचार बनते देर नहीं लगती, जैसा कि आज उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है। यह राज्य आज जीवंत, स्पंदित और संकल्पशील दिखाई देता है तो इसलिए कि यहां हर मोड़ पर नवाचार और निश्चय की छाप दिखाई देती है। यह परिवर्तन दूरदर्शी सोच और निरंतर प्रयासों का वह सशक्त परिणाम है, जो आने वाली पीढ़ियों की मजबूत आधारशिला बनेगा। पढ़ें यह खबर…
