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बिहार से यहां मस्जिद बनाने आए हो?’ तो पार्क के इस वीडियो की वजह से नोएडा में भड़का विवाद!

वीडियो में दक्षिण पंथी संगठन से जुड़े कुछ लोग पार्क में बैठे मुस्लिमों पर मस्जिद बनाने की बात कह रहे हैं। जबकि, एक शख्स कह रहा है कि वे लोग मस्जिद बनाने नहीं बल्कि सिर्फ नमाज पढ़ने आए हैं। जिला प्रशासन ने इस वीडियो पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। उसका कहना है कि दो व्यक्तियों के बीच हुई बातचीत से उसका कोई लेना-देना नहीं है।

Author December 27, 2018 10:50 AM
नोएडा के पार्क में नमाज पढ़ने के विवाद का एक वीडियो समाने आया है. जिसमें लोगों को नमाज पढ़ने से रोका जा रहा है. (एक्सप्रेस फोटो/मनोज कुमार)

नोएडा पुलिस द्वारा मुस्लिमों को पार्क में नमाज पढ़ने से रोकने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस बीच एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसे विवाद का शुरुआती कारण बताया जा रहा है। इस वीडियो में दक्षिण पंथी संगठन से जुड़े कुछ लोग पार्क में बैठे मुस्लिमों को नमाज पढ़ने से रोक रहे हैं।  इस वीडियो में एक कार्यकर्ता मुस्लिम शख्स से कह रहा है, “तुम यहां बिहार के किसनगंज से मस्जिद बनाने आए हो।” इस दौरान नमाजियों में से एक आदमी कह रहा है कि वे लोग सिर्फ नमाज अदा करने आए हैं। दोनों पक्षों में काफी देर तक बहस होती है। बातचीत में नमाज पढ़ने से रोकने वाला शख्स खुद को मनोज शर्मा बता रहा है।

गौरतलब है कि नोएडा की सेक्टर 58 थाना पुलिस ने पार्क में नमाज पढ़ने पर रोक लगा दिया है। पुलिस का कहना है कि बिना परमिशन कोई भी पार्क में धार्मिक आयोजन नहीं कर सकता। इस संबंध में पार्क के पास मौजूद कंपनियों को नोटिस भेजकर अपने कर्मचारियों से नमाज नहीं पढ़ने के लिए कहा गया। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की भी बात कही गई। हालांकि, मामले में तूल बढ़ता देख जिला प्रशासन ने इससे खुद को अलग कर लिया। वहीं, पुलिस की दलील है कि उसने ऐसा किसी धर्म-विशेष के लिए नहीं बल्कि सभी के लिए किया है। पुलिस का तर्क है कि इलाके में शांति स्थापित करने के लिए उसने यह कदम उठाया है।

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक मामले में सामने आए वीडियो पर टिप्पणी करने से जिला प्रशासन ने इनकार कर दिया है। उसका कहना है कि दो व्यक्तियों के बीच हुई बातचीत से उसे कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, इस मामले पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बीएसपी प्रमुख मायावती समेत कई विपक्षी नेताओं ने सख्त टिप्पणी की है। अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी लोगों को नौकरी मुहैया नहीं करा पा रही है। ऐसे हालात में वह सिर्फ लोगों को प्रार्थना करने से रोकने के अलावा और कर भी क्या सकती है। वहीं, मायावती ने कहा कि यूपी पुलिस ने सरकार की कमियों को छिपाने के लिए यह विवादित कदम उठाया है।

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