Delhi News: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली लक्ष्मी योजना के लाभार्थियों के लिए तीन बच्चों की सीमा का बचाव करते हुए कहा कि महिलाएं केवल बच्चे पैदा करने की मशीन नहीं हैं। साथ ही उन्होंने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर अपने शासनकाल के दौरान महिलाओं की चिंताओं को दूर करने में कथित रूप से विफल रहने का आरोप लगाते हुए उन पर हमला किया।

मानसून सत्र के दूसरे दिन विधानसभा को संबोधित करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, “अगर लोग अपना परिवार बढ़ाना चाहते हैं, तो वे रेखा गुप्ता या (आरएसएस प्रमुख) मोहन भगवत के कहने पर रुकने वाले नहीं हैं। परिवार अपनी परिस्थितियों और जरूरतों के अनुसार योजना बनाते हैं। लेकिन कोई भी महिला सिर्फ बच्चे पैदा करने की मशीन नहीं है। उसका स्वास्थ्य हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।”

मेरी प्राथमिकता महिलाओं का स्वास्थ्य है- सीएम रेखा गुप्ता

गुप्ता ने इस बात की ओर इशारा करते हुए कहा कि कई परिवार बेटे की उम्मीद में महिलाओं को कई बच्चे पैदा करने के लिए मजबूर करते हैं और उनकी सरकार इस तरह की संकीर्ण मानसिकता का समर्थन नहीं करने वाली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सदन में कहा, “पूरी दुनिया जानती है और मेडिकल जगत भी यही कहता है कि अगर कोई महिला बार-बार बच्चे को जन्म देती है, तो उसके शरीर पर इसका गंभीर असर पड़ता है। मेरी प्राथमिकता महिलाओं का स्वास्थ्य है। इसीलिए मैंने तीन बच्चों की शर्त शामिल की है।”

सीएम रेखा गुप्ता ने यह भी दावा किया कि दिल्ली की महिलाएं भी योजना से लाभ उठाते हुए अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना चाहती हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा, “कोई भेदभाव नहीं है। यह नियम समाज के सभी धर्मों और वर्गों की महिलाओं पर लागू होता है।”

हम अपना वादा पूरा कर रहे हैं- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार ने 17 लाख लाभार्थियों का लक्ष्य रखा है और रजिस्ट्रेशन तब तक जारी रहेगा जब तक यह आंकड़ा हासिल नहीं हो जाता। गुप्ता ने कहा, “हम अपना वादा पूरा कर रहे हैं। हमने इस योजना के लिए 5100 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “योजना के पहले चरण में 17 लाख महिलाएं इसका लाभ उठाएंगी और अगर इसके बाद इसे विस्तारित करने की जरूरत हुई, तो हम ऐसा करने में संकोच नहीं करेंगे।” उन्होंने सदन को यह भी बताया कि 1 अगस्त को पोर्टल शुरू होने के बाद से लगभग छह लाख रजिस्ट्रेशन हुए हैं। योजना की पहली किस्त 28 अगस्त को रक्षा बंधन के अवसर पर दिए जाने की संभावना है।

जिन महिलाओं के तीन से ज्यादा बच्चे हैं, वे योजना के लिए पात्र नहीं होंगी। सरकार इस योजना के तहत 21 से 60 साल की उम्र की महिलाओं को 2500 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता देगी। जिन परिवारों की सालाना बिजली खपत 2400 यूनिट से ज्यादा है। उन्हें भी इस योजना से बाहर रखा जाएगा।

आम आदमी पार्टी ने इस योजना के पात्रता मानदंडों को लेकर चिंता जताई थी। इसके तहत लाभार्थी का कम से कम 10 सालों तक दिल्ली का निवासी होना और स्थानीय सांसद या विधायक से सिफारिश प्राप्त करना भी आवश्यक है।

आम आदमी पार्टी पर सीएम ने बोला हमला

सोमवार को विपक्षी पार्टी के नेताओं के वॉकआउट करने के बाद सीएम रेखा गुप्ता ने विपक्षी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, “आपमें मेरी बात सुनने का साहस नहीं था। आप हंसे और चले गए।” उन्होंने कहा, “क्या कांग्रेस सरकार ने कभी इन महिलाओं की परवाह की है? क्या आम आदमी पार्टी सरकार ने कभी उनकी जरूरतों पर ध्यान दिया है? उन्होंने कई वादे किए। बड़े-बड़े दावे किए और लोगों से कई मौके मांगे 1000 रुपये और फिर 2100 रुपये देने का वादा किया, लेकिन एक रुपया भी नहीं दिया।”

मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी पर कथित तौर पर 30000 करोड़ रुपये का घोटाला करने का आरोप लगाते हुए हमला किया। उन्होंने कहा कि इसका बोझ अब दिल्ली की जनता उठा रही है। उन्होंने आगे कहा, “आपदा सरकार के कार्यकाल से ही बिजली कंपनियों पर 38000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है। बिजली कंपनियों के संसाधनों का अनुचित उपयोग करके उन्होंने जो कर्ज पैदा किया था, उसका बोझ आज भी मौजूदा सरकार पर है।”

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दिल्ली सरकार की नई दिल्ली लक्ष्मी योजना को राजधानी की महिलाओं से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। रजिस्ट्रेशन शुरू होने के पहले ही दिन 1.47 लाख से ज्यादा महिलाओं ने आवेदन किया। दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की तरफ से यह जानकारी साझा की गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पहले दिन हुए रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन इस बात का प्रमाण हैं कि दिल्ली की महिलाओं ने इस कल्याणकारी योजना पर भरोसा जताया है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…