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थोक बाजारों में सामान की कमी नहीं पर फुटकर दुकानदारों ने बढ़ाए दाम

आजादपुर मंडी के बाजार समिति के सदस्य अनिल मल्होत्रा के मुताबिक, कीमतों में बढ़ोतरी नहीं हुई है। माल भी मौजूद है। कोरोना के खौफ से बाजार में ग्राहकों की आवक कम है। बाजार में सन्नाटा है। उन्होंने कहा-अगर फुटकर के दाम ज्यादा बढ़े हैं तो सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए।

Author नई दिल्ली | Published on: March 26, 2020 3:13 AM
मंडी में लगी सब्जी की दुकानें और उनके कस्टमर।

कोरोना के खौफ के बीच घरों में बंद लोगों को सब्जियों के बढ़े दामों से भी दो-चार होना पड़ रहा है। यह अजीब विडंबना है कि दिल्ली के थोक बाजारों में सामान भरे पड़े हैं। थोक दामों में भी बढ़ोतरी नहीं हुई है लेकिन कॉलोनी के फुटकर दुकानदारों ने सब्जियों और फलों के दामों में भारी बढ़ोतरी कर रखी है। आजादपुर, गाजीपुर और ओखला मंडियों में स्थिति कमोवेश एक जैसी है। आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होना इस हालात के लिए बड़ा कारक बन कर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों की आशंकाएं दूर करने का प्रयास करते हुए कहा था कि लोगों को 21 दिन की पूर्णबंदी के दौरान आवश्यक वस्तुएं आम जन की पहुंच में होंगी, लेकिन कारगर आपूर्ति शृंखला की व्यवस्था के न होने के कारण शुरुआती दो दिन तक यह मिथक साबित हुआ है।

थोक मंडी की स्थिति
आजादपुर मंडी के बाजार समिति के सदस्य अनिल मल्होत्रा के मुताबिक, कीमतों में बढ़ोतरी नहीं हुई है। माल भी मौजूद है। कोरोना के खौफ से बाजार में ग्राहकों की आवक कम है। बाजार में सन्नाटा है। उन्होंने कहा-अगर फुटकर के दाम ज्यादा बढ़े हैं तो सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इससे एक तरफ तो रोज का करोड़ों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। वहीं, बाजार में काम करने वाले हजारों दिहाड़ी श्रमिकों की रोजी-रोटी खतरे में पड़ गई है। स्थानीय बाजारों से हरी सब्जियां मंडी में आ रही हैं, लेकिन ग्राहक न होने के कारण उनके खराब होने का खतरा बना हुआ है।

फुटकर दुकानदारों की दलील
गली-मोहल्ले व सोसायटी के बाहर सब्जी फल बेचने वालों से लेकर रेहड़ी पटरी पर दुकान लगाने वाले इन दुकानदारों की दलील दूसरी है। वे कालाबाजारी से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि थोक बाजार से उनके ठीहों तक सामान ले आना मुसीबत हो गया है। कर्फ्यू पास बनने में देरी हो रही है। इस वजह से ट्रास्ंपोर्टरों के भाव बढ़ गए हैं।
ढुलाई दोगुने से भी ज्यादा की हो गई है। दो दिनों से ज्यादातर फुटकर विक्रेताओं के पास माल मंडी से नहीं आया। चालकों के नहीं होने या छुट्टी पर चले जाने से ढुलाई की समस्या हो गई है। गाड़ियां न मिलने के कारण माल नहीं आ पा रहा है। उन्हें आशा है कि दो-तीन दिन में ज्यादातर गाड़ियों के लिए कर्फ्यू पास बन जाने से स्थिति ठीक होगी।

व्यापारियों का आरोप, पुलिस वाहनों को नहीं आने दे रही
सरकार ने आवश्यक सेवाओं को प्रतिबंध से बाहर रखा है। लेकिन व्यापारियों का आरोप है कि इसके बाद भी पुलिस उनके स्थानीय वाहनों को बाजार तक नहीं आने दे रही है। रेहड़ी-पटरी पर सब्जी बेचने वालों से भी बहुत पूछताछ हो रही है, जिसकी वजह से वे भी बाजार से दूरी बनाए हुए हैं। इससे बहुत कम छोटे दुकानदार मंडी तक पहुंच रहे हैं। यही कारण है कि कुछ दुकानदार जो बाजार से सब्जियां ले जा रहे हैं। वे ऊंची कीमत वसूल रहे हैं।

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