ताज़ा खबर
 

मोदी सरकार के समर्थन बोले लालकृष्‍ण आडवाणी, देश में अभिव्यक्ति की आजादी पर कोई सवालिया निशान नहीं

पूर्व उप प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिटिश राज में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता कुचलने के प्रयास के खिलाफ लोगोंं ने संघर्ष किया था।

Author नई दिल्ली | January 26, 2016 5:29 PM
भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी।

असहिष्णुता पर चर्चा के बीच, वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने आज कहा कि देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कोई सवालिया निशान नहीं है और हैरत जताई कि कौन लोग ऐसा कह रहे हैं। पार्टी नेतृत्व से नाखुश बताए जा रहे आडवाणी ने अपने निवास पर तिरंगा फहराने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, ‘मैं नहीं जानता कि कौन लोग हैं जो कह रहे हैं कि भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है। यहां स्वतंत्रता हमेशा रही है…ऐसा कोई सवाल आज नहीं उठता।’

Read Alsoअसहिष्‍णुता विवाद पर आमिर खान ने दी सफाई तो टि्वटर पर चल पड़ा #BoycottDangal हैशटैग

अनेक लेखकों और कलाकारों ने कहा है कि मोदी सरकार के दौर में असहिष्णुता बढ़ी है। मोदी सरकार और भाजपा ने इसे राजनीति से प्रेरित कह कर इसे खारिज किया है। आडवाणी ने पार्टी अध्यक्ष के बतौर चुने जाने के बाद अमित शाह के साथ रविवार की मुलाकात पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। भाजपा ने कहा था कि शाह उनका ‘आशीर्वाद’ लेने उनके पास गए थे। पूर्व उप प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिटिश राज में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता कुचलने के प्रयास के खिलाफ लोगोंं ने संघर्ष किया था। उन्होंने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि जब ‘हमारी सरकार’ ने ऐसा करना चाहा तो लोगों ने संघर्ष किया।

Read Also: ‘असहिष्‍णुता’ विवाद पर आमिर खान की सफाई- देश से प्‍यार करता हूं, दो हफ्ते से ज्‍यादा विदेश नहीं रह पाता हूं 

आडवाणी ने कहा कि आज एकमात्र चिंता हर नागरिक में देशभक्ति जगाना होनी चाहिए कि कैसे हर क्षेत्र के लोग देशभक्त बनें। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस पर लोगों में देशभक्ति की भावना स्वाभाविक है लेकिन शिक्षा और खेल तथा अन्य तरीकों से इसे हमेशा जगाए रखने का प्रयास किया जाना चाहिए। भाजपा नेता और केन्द्रीय मंत्री नज्मा हेप्तुल्ला तथा राजीव प्रताप रूडी मौजूद थे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App