उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन्माष्टमी का उत्सव मनाने के लिए मथुरा पहुंचे। शहर को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। जन्माष्टमी समारोह को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने भगवान कृष्ण के धर्म की रक्षा और बुराई के विनाश के संदेश का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण की शिक्षाएं हजारों साल बाद भी प्रासंगिक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में नफरत पैदा करने या भारत की एकता, अखंडता और आस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाली राष्ट्र-विरोधी और असामाजिक ताकतों को परिणाम भुगतने होंगे। जन्माष्टमी के अवसर पर अपनी मथुरा यात्रा के दूसरे दिन एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 5200 साल पहले भगवान कृष्ण इसी स्थान पर प्रकट हुए थे। उनकी शिक्षाएं और संदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जहां भी अच्छाई की शक्तियां मौजूद हैं, उनकी हर परिस्थिति में रक्षा की जाएगी। वहीं राष्ट्र-विरोधी और असामाजिक ताकतें अगर समाज में नफरत पैदा करेंगी या भारत की एकता, अखंडता और आस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगी तो भगवान कृष्ण के संदेश के अनुसार उन्हें परिणाम भुगतने होंगे।
मथुरा-वृंदावन को भी खाशी जैसा चमकाएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि मथुरा-वृंदावन में भी अयोध्या और काशी की तरह भव्य परिसर विकसित किए जाएं। इससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को अपने आराध्य के दर्शन में किसी तरह की परेशानी न हो और उन्हें सुगम, सुरक्षित एवं सुखद आध्यात्मिक अनुभव मिल सके।
योगी ने कहा कि ”श्री अयोध्या धाम में दुनिया का विशालतम मंदिर बन गया है”। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि मथुरा-वृंदावन में भी वैसे ही भव्य परिसर तैयार हों- जैसे श्री अयोध्या धाम और काशी में हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मथुरा का विकास यहां की भावना और विरासत के अनुरूप किया जाएगा। उन्होंने ब्रज भूमि में भगवान कृष्ण की स्मृतियों और धार्मिक विरासत के सम्मान को जरूरी बताया।
भगवान कृष्ण के संदेश का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने भगवद् गीता के श्लोक ‘परित्राणाय साधुनाम, विनाशाय च दुष्कृतम्’ का जिक्र किया। इसका अर्थ धर्मियों की सुरक्षा और बुराई का विनाश है। उन्होंने कहा कि यह संदेश समाज का मार्गदर्शन करता रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने भगवान कृष्ण को भगवान विष्णु का ‘पूर्ण अवतार’ बताते हुए कहा कि वह करीब 5,200 साल पहले आर्यावर्त में ‘धर्म, सत्य और न्याय’ की स्थापना के लिए इस स्थान पर प्रकट हुए थे।
सनातन धर्म को कोई मिटा नहीं सका’
मुख्यमंत्री ने भारत की सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि देश पर कई आक्रमण हुए और अलग-अलग समूहों ने अपनी आस्था थोपने की कोशिश की। लेकिन सनातन धर्म को मिटाया नहीं जा सका।
उन्होंने कहा, ”कई आक्रमण हुए और कई लोगों ने भारत पर अपनी आस्था थोपने की कोशिश की। लेकिन कोई भी सनातन धर्म को मिटा नहीं सका।”
योगी ने कहा कि जिन लोगों ने सनातन आस्था को मिटाने का साहस किया, वे खुद धूल में मिल गए। लेकिन श्रीकृष्ण और राधारानी की यादें आज भी ब्रज के साथ-साथ पूरे भारत के लोगों को प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि ये स्मृतियां आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उत्साह का वातावरण तैयार करती हैं।
जन्माष्टमी पर मथुरा में उमड़ी भीड़
जन्माष्टमी के लिए मथुरा पहुंचे श्रद्धालुओं का मुख्यमंत्री ने स्वागत किया और उत्तर प्रदेश के लोगों को भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं। मथुरा में जन्माष्टमी को लेकर खास तैयारियां की गई हैं। शहर के प्रमुख इलाकों और मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। मंदिरों में विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान कृष्ण के दर्शन और जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए मथुरा पहुंचे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार से ही जन्माष्टमी समारोह के लिए मथुरा में हैं और विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं।
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हालिया कुछ जनसभाओं को देखेंगे तो एक बात की ओर अचानक ही ध्यान चला जाता है। मुख्यमंत्री ने अपने भाषणों की शुरुआत में ‘वृंदावन बिहारी लाल की जय’ कहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसके साथ ही ‘सियावर रामचंद्र भगवान की जय’ का भी नारा मंच से लगाते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मथुरा और ब्रज क्षेत्र को लेकर सैकड़ों करोड़ों की परियोजनाओं का ऐलान भी कर चुके हैं।
