बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों कोलकाता में कथा कर रहे हैं। कथा के दौरान उन्होंने नवरात्रि और दुर्गा पूजा पंडालों को लेकर एक बयान दिया है। उन्होंने पंडालों के आसपास नॉनवेज भोजन बनाए जाने पर आपत्ति जताते हुए लोगों से नवरात्रि के दौरान ऐसा ना करने की अपील की।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल की एक बात उन्हें अच्छी नहीं लगती और इससे उनके दिल को ठेस पहुंचती है। उन्होंने कहा, ”बुरा न मानना, पश्चिम बंगाल की एक बात हमको अच्छी नहीं लगती, बहुत बुरी लगती है, दिल में बहुत ठेस पहुंचती है।”

उन्होंने आगे कहा, ”जब नवरात्रि आती है और दुर्गा पूजा के लिए पंडाल लगाए जाते हैं तो कई जगह पंडाल के पीछे या तख्त के नीचे नॉनवेज भोजन बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि पंडाल के आसपास इस तरह का खाना बनाया जाना उन्हें पसंद नहीं है।”

‘कोलकाता का पत्ता-पत्ता वाला हिंदू जागे’

धीरेंद्र शास्त्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस बार की नवरात्रि में कोलकाता का पत्ता-पत्ता वाला हिंदू जागे। उन्होंने ऐसे लोगों के बहिष्कार की भी अपील की जो दुर्गा पूजा पंडालों के आसपास नॉनवेज भोजन बनाते हैं।

उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन के दौरान इस तरह की गतिविधियां उन्हें उचित नहीं लगतीं। इसी दौरान उन्होंने ऐसे लोगों को लेकर तीखी टिप्पणी भी की। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, ”तुम कहोगे इन्हें धार्मिक कहें? हम इनको धार्मिक नहीं, पाखंडी कहेंगे।”

नवरात्रि में खान-पान पर दिया जोर

धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान नवरात्रि और दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच आया है। उन्होंने अपने संबोधन में धार्मिक आयोजनों के दौरान खान-पान को लेकर अपनी आपत्ति जाहिर की और लोगों से नवरात्रि के दौरान नॉनवेज भोजन से दूर रहने की अपील की।

उनके बयान में खास तौर पर दुर्गा पूजा पंडालों के आसपास नॉनवेज भोजन बनाए जाने का जिक्र था। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान लोगों को धार्मिक भावनाओं और पूजा के माहौल का ध्यान रखना चाहिए।

‘तुम क्या जानो जौहर को’, स्वरा भास्कर के बयान पर भड़के धीरेंद्र शास्त्री,

बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर पिछले काफी समय से चर्चा में बनी हुई हैं। दरअसल, उन्होंने एक इवेंट में फिल्म ‘पद्मावत’ के जौहर सीन को लेकर बात की थी और उसे कायर बताया। इसके बाद जैसे ही एक्ट्रेस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो लोगों ने उन्हें काफी ट्रोल किया। अब इस मामले में बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने भी अपना रिएक्शन देते हुए आपत्ति जताई है। पश्चिम बंगाल में अपनी कथा करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने बिना स्वरा का नाम लिए कहा कि वह जिसे कायरता कह रही हैं, वो बहादुरी और भक्ति का काम था।