दिल्ली में इस बार भीषण गर्मी में भी पानी की किल्लत नहीं होगी। गर्मी के पीक पर पहुंचने से पहले दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के उन इलाकों को चिन्हित कर लिया है, जहां हर साल पानी की दिक्कत होती है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि परेशानियों से उबरने के लिए उचित व्यवस्था की गई है।

वैसे इलाके जहां के लोगों को पानी की समस्या होती है, वहां के लिए 1,200 टैंकर तैनात किए गए हैं। वहीं, 100 टैंकरों को स्टैंड-बाय पर रखा गया है, ताकि जलापूर्ति निर्बाध रूप से की जा सके। टैंकरों की तैनाती विधानसभा क्षेत्रों के हिसाब से की गई है। इसके तहत संगम विहार, मटियाला, छतरपुर, देवली, तुगलकाबाद, पालम, बिजवासन और बावाना जैसे अधिक मांग वाले इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

दिल्ली सरकार ने तैयार किया एक्शन प्लान

अधिकारियों के अनुसार इन क्षेत्रों में हर साल गर्मियों के दौरान पानी की कमी की समस्या बनी रहती है। उन्होंने बताया कि इस बार स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि शहर में संचालित ट्यूबवेल की संख्या 5,834 से बढ़ाकर 6,200 कर दी गई है। फिक्स्ड सप्लाई पॉइंट्स 8,700 से बढ़ाकर 13,000 कर दिए गए हैं। जबकि फिलिंग हाइड्रेंट्स की संख्या 198 से बढ़ाकर 202 कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा स्तर पर विशेष योजना तैयार की गई है। इसके तहत जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जाएगा, कॉलोनी-वार सप्लाई शेड्यूल बनाया जाएगा, टैंकर रूट प्लान तैयारी की जाएगी और संसाधनों की तैनाती की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार पूरे शहर में 28 वाटर इमरजेंसी सेंटर महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थापित किए गए हैं, जो 24 घंटे काम करेंगे। इन केंद्रों पर पर्याप्त स्टाफ, संचार व्यवस्था और CCTV निगरानी की सुविधा है, ताकि जल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गर्मी से निपटने के लिए सेंट्रल कंट्रोल रूम, चैटबॉट आधारित सिस्टम और कई क्षेत्रों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर कॉल सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पानी की आपूर्ति को सुचारु और संतुलित बनाए रखने के लिए हर स्तर पर निगरानी कड़ी कर दी गई है।

इसके अलावा, सभी प्रमुख वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट सोनिया विहार, भागीरथी, चंद्रावल, वजीराबाद, हैदरपुर, नांगलोई, ओखला, बावाना और द्वारका को पूरी क्षमता से चलाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार हरियाणा के अधिकारियों के साथ बातचीत कर रही है ताकि यमुना और मुनक नहर जैसे ज्वॉइंट जल स्रोतों में अमोनिया का स्तर नियंत्रित रखा जा सके।

जल आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास तेज

बता दें कि यह बयान जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, मुख्य सचिव राजीव वर्मा और दिल्ली जल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी की मौजूदगी में की गई समीक्षा बैठक के बाद आया। राष्ट्रीय राजधानी में पानी से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए 24×7 हेल्पलाइन 1916 और 1800117118 को बेहतर किया गया है। शिकायतों को सीधे संबंधित जूनियर इंजीनियर तक भेजा जा रहा है और 100 प्रतिशत फीडबैक सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जल आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास तेज करने और द्वारका में तैयार दूसरे 50 एमजीडी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 520 अतिरिक्त ट्यूबवेल लगाए गए हैं और साल 2025-26 में 172 किलोमीटर पुरानी पाइपलाइन बदली गई है, जिससे आपूर्ति में सुधार हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “इसके अलावा वाल्व रेगुलेशन, नई पाइपलाइन बिछाने और सीवर लाइनों की बड़े पैमाने पर सफाई का काम जारी है। सभी अंडरग्राउंड जलाशयों की वार्षिक सफाई पूरी कर ली गई है और पंप सेट व बूस्टर पंपिंग स्टेशनों का प्रिवेंटिव मेंटेनेंस सुनिश्चित किया गया है। साथ ही, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में लीकेज की पहचान और मरम्मत के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।”