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No Money for Terror पर PM नरेंद्र मोदी ने दी इशारों में पाक को चेतावनी- आतंकवाद के खात्मे तक चैन से नहीं बैठूंगा, जानें 10 बातें

No Money for Terror Conference: इस सम्मेलन में दुनिया भर के लगभग 450 प्रतिनिधि भाग लेंगे। जिनमें मंत्री, बहुपक्षीय संगठनों के प्रमुख और वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख शामिल हैं।

No Money for Terror पर PM नरेंद्र मोदी ने दी इशारों में पाक को चेतावनी- आतंकवाद के खात्मे तक चैन से नहीं बैठूंगा, जानें 10 बातें
'नो मनी फॉर टेरर' कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी (Photo Source- Twitter/ @BJP4India)

No Money for Terror Conference in Delhi: आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए भारत में शुक्रवार से से ‘No money for terror’ सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में 72 देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। इस सम्मेलन में पाकिस्तान और अफगानिस्तान हिस्सा नहीं ले रहे हैं। शुक्रवार सुबह ताज होटल में आतंकी फंडिंग के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने ‘नो मनी फॉर टेरर’ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) भी मौजूद रहे।

सम्मलेन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए एक व्यापक, सक्रिय, व्यवस्थित प्रतिक्रिया की जरूरत है। अगर हम चाहते हैं कि हमारे नागरिक सुरक्षित रहें, तो हम तब तक इंतजार नहीं कर सकते जब तक कि आतंक हमारे घरों में न आ जाए। हमें आतंकवादियों की फंडिंग पर चोट करनी चाहिए।

  1. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक आतंकवाद का खात्मा नहीं हो जाता। उन्होंने कहा, “लंबे समय से आतंकवाद असर गरीबों और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। चाहे वह पर्यटन हो या व्यापार का क्षेत्र। कोई भी उस इलाके को पसंद नहीं करता जहां लगातार आतंकवार का खतरा बना रहता है। इससे लोगों की रोजी-रोटी छिन रही है। यह सबसे ज्यादा जरूरी है कि हम आतंकवाद की फंडिंग की जड़ पर प्रहार करें।”
  2. टेरर फंडिंग पर पीएम मोदी ने कहा कि यह सबको पता है है कि आतंकवादी संगठनों को कई स्रोतों से पैसा मिलता है। एक स्रोत देश का समर्थन है। कुछ देश अपनी विदेश नीतियों के तहत आतंकवाद का समर्थन करते हैं। वे उन्हें राजनीतिक, वैचारिक और वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं।
  3. दिल्ली में ‘नो मनी फॉर टेरर’ सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह जरूरी है कि हम संयुक्त रूप से कट्टरवाद और उग्रवाद की समस्या का समाधान करें। कट्टरवाद का समर्थन करने वाले का किसी भी देश में कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
  4. PM ने कहा कि कुछ देश अपनी विदेश नीति के तहत आतंकवाद का समर्थन करते हैं। वे उन्हें राजनीतिक, वैचारिक और वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं। अंतरराष्ट्रीय संगठन को यह नहीं सोचना चाहिए कि युद्ध की अनुपस्थिति का अर्थ शांति है।
  5. कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश ने आतंक की विभीषिका का सामना दुनिया के गंभीरता से लेने से बहुत पहले से किया है। दशकों से अलग-अलग रूपों में आतंकवाद ने भारत को चोट पहुंचाने की कोशिश की जिसकी वजह से हमने हजारों कीमती जानें गंवाईं, लेकिन हमने आतंकवाद का बहादुरी से मुकाबला किया।
  6. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सम्मेलन में कहा कि अगस्त 2021 के बाद दक्षिण एशियाई क्षेत्र में स्थिति में बहुत परिवर्तन आया है। सत्ता परिवर्तन, अल कायदा और ISIS का बढ़ता प्रभाव क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक महत्तवपूर्ण चुनौती के रूप में उभरा है। नए समीकरणों ने टेरर फंडिंग की समस्या को और गंभीर बनाया है।
  7. No Money for Terror Conference में राष्ट्रीय जांच एजेंसी के महानिदेशक दिनकर गुप्ता ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि बीते आठ सालों में आतंकवादी गतिविधियों में कमी आई है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ केंद्र की जीरो टॉलरेंस नीति की भी सराहना की और कहा कि इससे देश के सुरक्षा परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव आया है।
  8. तीसरे मंत्रिस्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए डीजी गुप्ता ने कहा, “मेरे लिए प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करना एक सम्मान की बात है। आतंकी फंडिंग के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म का इस्तेमाल किया जा रहा है। भारत के पास इसके सबूत हैं।”
  9. सम्मेलन के पहले सत्र में टेरर फंडिंग के ताजा ट्रेंड पर वैश्विक चर्चा होगी। दूसरे सत्र में टेरर फंडिंग के औपचारिक और अनौपचारिक सभी तरीकों पर बातचीत होगी। तीसरा सत्र शनिवार को होगा, जिसमें टेरर फंडिंग के लिए नई तकनीक व रास्तों के इस्तेमाल पर मंथन होगा। साथ ही क्रिप्टोकरेंसी व डार्क वेब के जरिए हो रही फंडिंग को भी इस चर्चा में शामिल किया जाएगा। चौथे सत्र में टेरर फंडिंग रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की जरूरतों और सहयोग पर चर्चा होगी।
  10. ‘नो मनी फॉर टेरर कॉन्फ्रेंस’ के एजेंडे के तहत आतंक पर हो रही विदेशी फंडिंग पर लगाम लगाने के लिए कदम उठाए जाएंगे। साथ ही एजेंसियां विदेशी फंडिंग की जड़ों की तलाश में आपसी सहयोग और पारदर्शिता दिखाएंगी। मनी लॉन्ड्रिंग के तरीकों पर सभी एजेंसियों को एकजुट होकर जानकारी हासिल करने की बात कही जाएगी, जिससे इसकी जड़ों तक पहुंचा जा सके।

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First published on: 18-11-2022 at 10:47:35 am
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