Sunita Kejriwal Reaction: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में बरी कर दिया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भी आरोपों से मुक्त कर दिया गया है। इस फैसले पर अरविंद केजरीवाल की पत्नी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सत्य की हमेशा जीत होती है।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल की पत्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “इस संसार में कोई कितना भी शक्तिशाली हो जाये,शिव शक्ति से ऊपर नहीं हो सकता। सच की हमेशा जीत होती है।” अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा, “आज मैं भगवान का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं। अरविंद जी ने अपना पूरा जीवन ईमानदारी से बिताया। लेकिन इन लोगों (भाजपा) ने अरविंद जी और उनके साथियों को जेल भेज दिया। मुझे विश्वास था कि सत्य की जीत होगी। मैं उन सभी का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं जिन्होंने हमारा साथ दिया…”
अरविंद केजरीवाल हुए भावुक
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आबकारी नीति में बरी होने के बाद भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “मैं भ्रष्ट नहीं हूं। अदालत ने कहा है कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ईमानदार हैं।” केजरीवाल ने कहा, “आज अदालत ने इस मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। हम हमेशा से कहते आए हैं कि सच्चाई की जीत होती है। हमें भारतीय न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है। अमित शाह और मोदी जी ने मिलकर आम आदमी पार्टी को खत्म करने की सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश रची और पार्टी के 5 बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया। मौजूदा मुख्यमंत्री को उनके घर से घसीटकर जेल में डाल दिया गया। केजरीवाल भ्रष्ट नहीं हैं। मैंने अपने जीवन में सिर्फ ईमानदारी ही कमाई है। आज अदालत ने कहा है कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी ईमानदार हैं।”
दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट से केजरीवाल समेत 23 आरोपी बरी
दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के कविता सहित सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया। स्पेशल जज (पीसी एक्ट) जितेंद्र सिंह ने सीबीआई द्वारा आरोपियों के खिलाफ शुरू किए गए मामले को बंद करने का आदेश पारित किया।
अदालत ने फैसला सुनाया, “आबकारी नीति में कोई व्यापक साजिश या आपराधिक इरादा नहीं था।” न्यायालय ने आगे कहा कि अभियोजन पक्ष का मामला न्यायिक जांच में खरा नहीं उतरता क्योंकि सीबीआई ने केवल अनुमानों के आधार पर साजिश की कहानी गढ़ने की कोशिश की थी। आखिरकार यह नतीजा निकलाया गया कि 23 आरोपियों में से किसी के भी खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता है।
अदालत ने सीबीआई को गवाहों के बयानों के आधार पर अपना मामला बनाने के लिए भी फटकार लगाई। न्यायाधीश ने कहा, “अगर इस तरह के आचरण की अनुमति दी जाती है, तो यह संवैधानिक सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन होगा। किसी आरोपी को क्षमादान देकर उसे गवाह बनाना, उसके बयानों का इस्तेमाल जांच में मौजूद कमियों को भरने और अन्य लोगों को आरोपी बनाने के लिए करना गलत है।” कोर्ट ने आगे कहा कि वह सीबीआई के उन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की सिफारिश करेगी जिन्होंने एक लोक सेवक (कुलदीप सिंह) को इस मामले में मुख्य आरोपी बनाया था।
क्या था पूरा मामला?
अब पूरे मामले की बात की जाए तो साल 2022 में सीबीआई ने एक एफआईआर दर्ज की। इसमें आरोप लगाया गया कि दिल्ली में शराब के व्यापार के एकाधिकार और कार्टेलाइजेशन को सुविधाजनक बनाने के लिए 2021-22 की दिल्ली की आबकारी नीति में हेरफेर किया गया था। सीबीआई ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना की शिकायत पर 20 जुलाई, 2022 को मामला दर्ज किया था।
जांच एजेंसी ने कहा कि आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं ने नीति में हेरफेर करके शराब निर्माताओं से रिश्वत ली। प्रवर्तन निदेशालय ने बाद में इस मामले में पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू हुआ। मनीष सिसोदिया को सबसे पहले सीबीआई ने 26 फरवरी 2023 को आबकारी नीति से संबंधित एक मामले में गिरफ्तार किया था और बाद में ईडी ने 9 मार्च 2023 को गिरफ्तार किया। आबकारी घोटाले की पूरी डिटेल पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
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दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को कथित शऱाब घोटाले मामले में बरी कर दिया है। इस फैसले के बाद आप संयोजक मीडिया के सामने आए और उन्होंने इसे सत्य की जीत बताई। अरविंद केजरीवाल उस दौरान भावुक भी हो गए और उनकी आंखों से झर-झर आंसू बहने लगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
