नीतीश ने लगाई वादों की झड़ी, पेश की 2.70 लाख करोड़ रुपए की विकास योजना - Jansatta
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नीतीश ने लगाई वादों की झड़ी, पेश की 2.70 लाख करोड़ रुपए की विकास योजना

बिहार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित 1.25 लाख करोड़ रुपए के पैकेज के जवाब में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अगले पांच साल के लिए शुक्रवार को 2.70 लाख करोड़ रुपए की विकास योजना पेश की..

Author पटना | August 29, 2015 8:15 AM
संवाददाता सम्मेलन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (पीटीआई फोटो)

बिहार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित 1.25 लाख करोड़ रुपए के पैकेज के जवाब में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अगले पांच साल के लिए शुक्रवार को 2.70 लाख करोड़ रुपए की विकास योजना पेश की। इसमें हर परिवार को मुफ्त बिजली और पेयजल कनेक्शन शामिल है।

प्रधानमंत्री के विशेष पैकेज पर चुटकी लेते हुए कुमार ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए उनके पैकेज में सिर्फ पुरानी योजनाओं को नए तरीके से पेश किया गया है, जबकि मेरे विजन में ऐसे कार्यक्रम शामिल हैं, जो धरातल पर उतारने लायक हैं। मैंने इसके लिए संसाधन भी जुटाए हैं।’

कुमार ने कहा, ‘ये मेरे दिल की बात है, मन की बात नहीं।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि सात सूत्री यह विकास योजना विभिन्न क्षेत्रों में चल रही योजनाओं के अतिरिक्त है। इस अवसर पर कुमार के साथ राज्य के वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव और वरिष्ठ मंत्री विजय चौधरी भी मौजूद थे।

यह पूछे जाने पर कि ये जद (एकी)का घोषणा-पत्र है या जद (एकी), राजद और कांग्रेस के धर्मनिरपेक्ष गठबंधन का घोषणा-पत्र है, इस पर मुख्यमंत्री ने नकारात्मक उत्तर दिया। उन्होंने कहा, ‘यह लोगों के लिए मेरी प्रतिबद्धता है। मैं जानता हूं कि उनका यह विश्वास मुझ पर है कि जो मैं कहता हूं, वह करता हूं।’ यह पूछे जाने पर कि क्या राजद और कांग्रेस उनके इस विजन से सहमत है, कुमार ने कहा, ‘आगामी बिहार चुनाव में मैं धर्मनिरपेक्ष गठबंधन का नेता हूं।’

कुमार की सात सूत्री विकास योजना में युवाओं, महिलाओं, बेरोजगारों, युवा उद्यमियों और पेयजल, बिजली और शौचालय जैसी आधारभूत संरचना से जुड़ी जरूरतों पर विशेष जोर है। अपनी विकास योजना के सात प्रमुख बिंदुओं को विस्तार से बताते हुए कुमार ने युवाओं के लिए पांच नए कार्यक्रमों पर जोर दिया। बिहार की आबादी में सबसे अधिक संख्या युवाओं की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 20-25 आयु वर्ग के युवाओं को नौ महीने की अवधि के लिए दो बार 1,000 रुपए का मासिक भत्ता दिया जाएगा ताकि नौकरियों तलाशने के दौरान इससे उनका खर्च निकले।

जद (एकी) नेता ने कहा कि 12वीं कक्षा पास करने वाले हर युवा को एक छात्र क्रेडिट कार्ड दिया जाएगा जिसकी मदद से वह किसी भी बैंक से चार लाख रुपए का कर्ज ले सकेगा। इस क्रेडिट कार्ड से लिए गए कर्ज पर उन्हें राज्य सरकार तीन फीसद ब्याज अनुदान देगी। कुमार ने कहा कि राज्य सरकार 500 करोड़ रुपए का उपक्रम पूंजी कोष (वेंचर कैपिटल फंड) स्थापित करेगी। इससे युवा उद्यमियों को विनिर्माण इकाई शुरू करने के लिए शुरुआती पूंजी मुहैया कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने राज्य के हर कॉलेज और यूनिवर्सिटी में मुफ्त वाई-फाई सुविधा मुहैया कराने का वादा किया। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 38 जिलों में पंजीकरण और आधुनिक रोजगार परामर्श केंद्र खोले जाएंगे ताकि राज्य के 1.5 करोड़ युवाओं को बुनियादी कंप्यूटर शिक्षा, भाषा प्रशिक्षण और कौशल विकास के क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए तैयार किए गए कार्यक्रमों पर अगले पांच साल में करीब 49,800 करोड़ रुपए की लागत आएगी। उन्होंने कहा, ‘मेरे दिमाग में सब स्पष्ट है कि संसाधन कहां से जुटाने हैं।’

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण को गति प्रदान करने के लिए सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 फीसद सीटें आरक्षित करेगी। कुमार ने कहा कि अभी पुलिस विभाग में कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर स्तर तक के पदों पर होने वाली भर्तियों में महिलाओं को 35 फीसद आरक्षण दिया जाता है। अब यह सुविधा सभी सरकारी नौकरियों में दी जाएगी। बिहार में बिजली को एक बड़ा चुनावी मुद्दा होने के मद्देनजर कुमार ने कहा कि जो गांव या इलाके बिजली की सुविधा से वंचित है, वहां अगले दो सालों में बिजली की सुविधा दे दी जाएगी। इसके बाद राज्य सरकार अपने खर्च पर हर घर को बिजली से जोड़ेगी। कुमार ने कहा, ‘बिजली की उपलब्धता बढ़ने के कारण राज्य के हर घर को चौबीसों घंटे रोशन रखने का सपना साकार होगा।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की बिजली परियोजनाओं पर अगले पांच साल में 55,600 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसकी व्यवस्था कर ली जाएगी। कुमार ने कहा कि ग्रामीण और शहरी इलाकों में अगले पांच साल में हर मकान को पेयजल पाइपलाइन से जोड़ा जाएगा। इससे ग्रामीण इलाकों में 1.95 करोड़ परिवार और शहरी इलाकों में 16 लाख परिवारों को फायदा होगा। इस परियोजना पर 47,700 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसी तरह, ग्रामीण और शहरी इलाकों में सीवेज की ठोस व्यवस्था की जाएगी जिसकी अनुमानित लागत 78 हजार करोड़ रुपए है।

कुमार ने कहा कि सभी गांवों और इलाकों को पक्की सड़कों से जोड़ा जाएगा। राज्य सरकार शौचालयों से वंचित परिवारों में शौचालय का भी निर्माण करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में पांच नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। इनके अलावा, हर जिले में एक इंजीनियरिंग कॉलेज, महिला आइटीआइ और पैरा-मेडिकल संस्थान खोले जाएंगे।

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