Tamil Nadu Election 2026: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने नीतीश कुमार को समझौतावादी बताते हुए आरोप लगाया कि जेडीयू प्रमुख के पिछले कार्यों ने भारतीय जनता पार्टी को उन पर पूरी तरह से कंट्रोल करने की इजाजत दी।
श्रीवैकुंठम में सत्तारूढ़ डीएमके-कांग्रेस गठबंधन के लिए प्रचार करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, “देखिए बिहार में हाल ही में क्या हुआ है। बिहार के मुख्यमंत्री को हटाकर उनकी जगह भाजपा के एक व्यक्ति को बिठा दिया गया है। क्यों? क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री भ्रष्ट हैं। उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा और चुपचाप राज्यसभा चले गए।”
राहुल गांधी ने जाहिर की चिंता
बिहार का उदाहरण देते हुए राहुल ने तमिलनाडु के लिए भी इसी तरह की चिंता व्यक्त की और कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक ऐसी राज्य सरकार चाहती है जिस पर उनका पूरा नियंत्रण हो। राहुल गांधी ने आगे कहा, “उनके पिछले कारनामों ने बीजेपी को उन पर पूरी तरह नियंत्रण करने का मौका दिया। तमिलनाडु में भी वे यही चाहते हैं। वे ऐसी सरकार चाहते हैं जिस पर उनका पूरा नियंत्रण हो। वे ऐसा मुख्यमंत्री चाहते हैं जो उनकी हर बात माने। और हम उन्हें ऐसा कभी नहीं करने देंगे।”
बिहार के नए सीएम बने सम्राट चौधरी
हाल ही में दिग्गज राजनेता नीतीश कुमार ने राज्यसभा में पहली बार प्रवेश किया। नीतीश कुमार का बिहार से जाना राज्य के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। हालांकि अब नीतीश कुमार की जगह सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री बने हैं। नवंबर में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में एनडीए को भारी बहुमत से जीत मिली। वर्षों के सत्ता में रहने के बावजूद, नीतीश के नेतृत्व वाले गठबंधन ने शानदार जीत हासिल की और बीजेपी ने पहली बार राज्य में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी जेडीयू से ज्यादा सीटें जीतीं।
तमिलनाडु में कब होंगे चुनाव?
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को एक ही चरण में होने वाले हैं और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। मुख्य मुकाबला डीएमके के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन और एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के बीच होने की संभावना है। इसमें बीजेपी और पीएमके सहयोगी होंगे।
बंगाल-तमिलनाडु में बढ़ी महिलाओं की भागीदारी
महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच गतिरोध का असर पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों पर भी पड़ सकता है। पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के जरिए काटे गए नाम का मुद्दा सत्ता विरोधी लहर पर भी हावी होता दिख रहा है। दोनों राज्यों में महिला प्रत्याशियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। बावजूद इसके पश्चिम बंगाल में महिला उम्मीदवार 17.86 फीसदी हैं, जबकि तमिलनाडु में यह आंकड़ा केवल 11.01 फीसदी है। पढ़ें पूरी खबर…
