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बिहार को ‘विशेष राज्य’ का दर्जा नहीं देना मोदी सरकार का ‘धोखा’: नीतीश कुमार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने से नरेंद्र मोदी सरकार के इंकार को प्रदेश की जनता के साथ धोखा बताते हुए...

Author Updated: August 3, 2015 10:04 PM

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने से नरेंद्र मोदी सरकार के इंकार को प्रदेश की जनता के साथ धोखा बताते हुए आज आरोप लगाया कि इसको लेकर केंद्र की वर्तमान सरकार की नीयत साफ नहीं है।

बिहार विधान परिषद के मुख्य द्वार पर आज पत्रकारों से बातचीत करते हुए नीतीश ने केंद्र सरकार द्वारा बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने से इंकार करने के बारे में कहा ‘यह तो बिहार की जनता के साथ पूरे तौर पर धोखा है। बिहार की जनता को समझ लेना चाहिए।’ उन्होंने कहा ‘लोकसभा के चुनाव के समय साफ तौर पर कहा गया था कि विशेष दर्जा देंगे।’

नीतीश ने कहा ‘प्राथमिकता को भी हम लोग देख रहे हैं।15 महीने बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं हुआ और संसद में कह दिया गया है कि विशेष राज्य के दर्जा का कोई प्रस्ताव ही नहीं है।’

उन्होंने कहा ‘हमने तो अनगिनत चिठ्ठियां लिखी, लेकिन इनकी नीयत साफ नहीं है। इसी प्रकार से लोगों को धोखे में रखना चाहते हैं और इसका बिहार के लोगों के साथ क्रूर मजाक है।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गत 25 जुलाई की बिहार यात्रा के दौरान कुछ योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन को नीतीश ने उन्हें पहले की योजना बताते हुए कहा कि उसी प्रकार से आगे क्या घोषणा होती है, उसके बारे में वह तब टिप्पणी घोषणा के बाद करेंगे।

उन्होंने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने को लेकर प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी और वित्त मंत्री से दो-दो बार मुलाकात की तथा अपनी बात रखी और उन्हें सर्वदलीय बैठक की सहमति के आधर पर ज्ञापन सौंपा था। बीआरजीएफ को चालू रखने की अनुशंसा नीति आयोग ने भी कर दी है, पर उसे अभी तक चालू नहीं किया गया है। इस पुरानी चीज की भी घोषणा के लिए किसी अवसर का लोग इंतजार कर रहे हैं।

नीतीश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहयोगीय संघवाद’ पर कटाक्ष करते हुए कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच यह कैसा सहयोगीय संघवाद है। राज्य सरकार की अनदेखी और उसे कुछ भी बताया नहीं जाता और कहा जाता है कि राजनीतिक मंच से बोलेंगे। समझ ही सकते हैं कि राजनीतिक मंच से पिछली बार विशेष राज्य का दर्जे की भी बात की गयी और उसका क्या हश्र हुआ।

उन्होंने कहा कि मोदी ने चुनाव के समय अपने भाषण में जो कहा है उसका आडियो वह अपनी सभाओं के दौरान सुनाते रहे हैं और उसे जारी रखेंगे।

बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र को छोटा रखने (मात्र पांच कार्यअवधि) के विपक्ष की आलोचना पर नीतीश ने कहा कि ऐसा पहले भी हुआ है। अगर कार्य मंत्रणा समिति सदन की कार्य अवधि बढाना चाहेगी तो सरकार को कोई एतराज नहीं है। हम किसी भी विषय पर विपक्ष चर्चा कराने को तैयार हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार वर्तमान सत्र के दौरान लोक शिकायत निवारण विधेयक लाएगी जिसके जरिए आम नागरिक को निर्धारित समय सीमा के भीतर उनकी शिकायत के निवारण का अधिकार प्राप्त होगा। इस विधेयक के जरिए अदालतों से जुडे मामलों को छोडकर सभी विषय शामिल रहेंगे।

नीतीश ने कहा कि इससे प्रदेश के दूर दराज इलाकों से आम लोगों के अपनी शिकायतों के निवारण के लिए जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में नहीं आना पडेगा।

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