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नितिन गडकरी बोले- चुनाव जीतने के लिए किए जाते हैं वादे, प्रैक्टिकल नहीं होते

गडकरी ने कहा कि, 'यह बात किसी भी पार्टी के साथ होती है। चुनाव जीतने के लिए कई वादे ऐसे होते हैं, जिन्हें पूरा करना आर्थिक नजरिए से संभव नहीं होता लेकिन हम चुनाव के लिए करते हैं'।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (फोटो सोर्स : PTI)

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने चुनावों में किए जाने वाले वादों पर बड़ा बयान दिया है। गडकरी ने कहा है कि चुनाव के दौरान किए जाने वाले वादे जीतने के लिए होते हैं न कि प्रैक्टिकल। गडकरी ने कहा कि, चुनाव जीतने के लिए कई वादे ऐसे होते हैं, जिन्हें पूरा करना आर्थिक नजरिए से संभव नहीं होता लेकिन हम चुनाव के लिए करते हैं।

आजतक चैनल के कार्यक्रम एजेंडा आजतक में पहुंचे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से बीते दिनों मराठी में दिए उनके चुनावी वादे वाले बयान पर सवाल पूछा गया। जिस पर गडकरी ने कहा कि, ‘कुछ दिन पहले मुंडे और देवेंद्र उनके पास आए और कहा, हम टोल रद्द करने का मैनिफेस्टो में लिखते हैं। लेकिन मैंने उनसे आर्थिक नजरिए को ध्यान में रखकर ऐसा न लिखने कहा। तो उन्होंने कहा, आपको ऐसा लग रहा कि अपना राज आ रहा है। जब सरकार आएगी तब देखेंगे’।

चैनल से बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि, उस वक्त हुइ इस बात का उदाहरण रखते हुए मैंने कहा था। गडकरी ने माना कि, चुनाव से पहले जो वादे किए जाते हैं, वे चुनाव जीतने के लिए होते हैं। उस समय कई वादे होते हैं जो प्रैक्टिकल होते हैं और कई नहीं होते हैं। गडकरी ने कहा कि यह बात किसी भी पार्टी के साथ होती है। चुनाव जीतने के लिए कई वादे ऐसे होते हैं, जिन्हें पूरा करना आर्थिक नजरिए से संभव नहीं होता लेकिन हम चुनाव के लिए करते हैं’।

बता दें कि, बीते दिनों नितिन गडकरी ने देश का हजारों करोड़ रुपया लेकर भागे विजय माल्या को लेकर कहा था कि. ’40 साल माल्या नियमित भुगतान करता रहा था। ब्याज भर रहा था। 40 साल बाद जब वो एविएशन में गया…उसके बाद वो अड़चन में आ गया तो वह एकदम से चोर हो गया? जो 50 साल ब्याज भरता है वो ठीक है, पर एक बार वह डिफॉल्ट हो गया…तो तुरंत सब फ्रॉड हो गया? ये मानसिकता ठीक नहीं है’।

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