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शाह होंगे एअर इंडिया के विनिवेश पर पुनर्गठित मंत्री समूह के प्रमुख

मोदी सरकार के दोबारा सत्ता में आने के बाद समूह का पुनर्गठन किया गया है और गडकरी अब इस समूह का हिस्सा नहीं हैं। अब इसमें पांच के बजाय चार सदस्य हैं। अपने पहले कार्यकाल में मोदी सरकार ने 2018 में एअर इंडिया की 76 फीसद हिस्सेदारी बिक्री व एअरलाइन के प्रबंधन नियंत्रण के लिए निवेशकों से बोलियां आमंत्रित की थीं।

Author नई दिल्ली | July 19, 2019 12:17 AM
गृह मंत्री अमित शाह फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

गृह मंत्री अमित शाह एअर इंडिया विनिवेश पर पुनर्गठित मंत्री समूह की अगुवाई करेंगे। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को इस मंत्री समूह से हटा दिया गया है। सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। यह मंत्री समूह एअर इंडिया की बिक्री के तौरतरीके तय करेगा। इसमें अब चार केंद्रीय मंत्री- शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य और रेल मंत्री पीयूष गोयल और नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी शामिल होंगे। एअर इंडिया की बिक्री पर मंत्री समूह का पहली बार गठन जून, 2017 में किया गया था। इस समूह को एअर इंडिया विशेष वैकल्पिक व्यवस्था (एआइएसएएम) का नाम दिया गया था। उस समय इस समूह की अगुवाई तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली कर रहे थे और इसमें पांच सदस्य थे। अन्य चार सदस्य नागर विमानन मंत्री अशोक गजपति राजू, बिजली एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल, रेल मंत्री सुरेश प्रभु व सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी थे।

सूत्रों ने बताया कि मोदी सरकार के दोबारा सत्ता में आने के बाद समूह का पुनर्गठन किया गया है और गडकरी अब इस समूह का हिस्सा नहीं हैं। अब इसमें पांच के बजाय चार सदस्य हैं। अपने पहले कार्यकाल में मोदी सरकार ने 2018 में एअर इंडिया की 76 फीसद हिस्सेदारी बिक्री व एअरलाइन के प्रबंधन नियंत्रण के लिए निवेशकों से बोलियां आमंत्रित की थीं। हालांकि, यह प्रक्रिया विफल रही थी और निवेशकों ने एअर इंडिया के अधिग्रहण के लिए बोलियां नहीं दी थीं। उसके बाद सौदे के लिए नियुक्त सलाहकार ईवाई ने इस बारे में रिपोर्ट तैयार की थी कि बिक्री की प्रक्रिया क्यों विफल रही।

ईवाई ने अपनी रिपोर्ट में इसकी जो वजहें बताई थीं उनमें सरकार द्वारा 24 फीसद हिस्सेदारी अपने पास रखना, ऊंचा कर्ज, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, विनियम दरों में उतार-चढ़ाव, वृहद वातावरण में बदलाव व लोगों के बोली लगाने पर अंकुश आदि हैं। निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) एअर इंडिया की बिक्री के लिए पहले ही नया प्रस्ताव तैयार कर चुका है। इसमें कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव के मुद्दों को शामिल किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक इस बार सरकार एअर इंडिया की सौ फीसद हिस्सेदारी बिक्री की पेशकश कर सकती है। सरकार का इरादा बिक्री की प्रक्रिया दिसंबर, 2019 तक पूरा करने का है। हालांकि कितनी हिस्सेदारी की बिक्री की जाएगी और रुचि पत्र कब मांगे जाएंगे, इस बारे में निर्णय नवगठित एआइएसएएम करेगा।

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