केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई-गोवा हाईवे के निर्माण में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। बुधवार को उन्होंने कहा कि हाईवे का काम लंबे समय से अटका हुआ है और ठेकेदारों की नाकामी के कारण उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई के संकेत भी दिए।
नितिन गडकरी ने यह बात उत्तर गोवा के पोरवोरिम में छह लेन वाले एलिवेटेड कॉरिडोर के उद्घाटन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय ने कई कामों में विश्व रिकॉर्ड बनाए हैं। लेकिन अब वह चाहेंगे कि एक साल में सबसे ज्यादा ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट और डिबार करने तथा अधिकारियों के निलंबन का रिकॉर्ड भी बने।
उन्होंने कहा कि वह मुंबई-गोवा हाईवे के उद्घाटन के लिए किसी शुभ समय का इंतजार करते-करते थक चुके हैं। गडकरी के मुताबिक, उन्हें एक दिन पहले हुई बैठक में बताया गया कि हाईवे का करीब 93-94 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर में वह मुंबई एयरपोर्ट पर उतरकर सड़क मार्ग से गोवा जाएंगे और खुद हाईवे के काम की स्थिति देखेंगे।
2016 में पूरा होना था हाईवे
करीब 555 किलोमीटर लंबा मुंबई-गोवा हाईवे मुंबई को गोवा से कनेक्ट करता है। इसका महाराष्ट्र में करीब 460 किलोमीटर हिस्सा है जो सिंधुदुर्ग जिले के पत्रादेवी तक जाता है। महाराष्ट्र के इस हिस्से में 84 किलोमीटर का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और बाकी 376 किलोमीटर का काम राज्य लोक निर्माण विभाग कर रहा है।
हाईवे को चौड़ा करने की परियोजना को पहले 2016 तक पूरा किया जाना था। लेकिन कई बार इसकी समयसीमा बढ़ाई जा चुकी है। गडकरी इससे पहले भी परियोजना में देरी को लेकर नाराजगी जता चुके हैं।
पोरवोरिम कॉरिडोर से जाम से राहत की उम्मीद
पोरवोरिम का छह लेन एलिवेटेड कॉरिडोर उत्तर गोवा में यातायात का दबाव कम करने में मदद करेगा। इससे खासकर उत्तर गोवा के लोकप्रिय समुद्र तटों की ओर जाने वाली सड़कों पर ट्रैफिक कम होने और लोगों का सफर आसान होने की उम्मीद है।
गडकरी ने सड़क निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करने की बात कही। उन्होंने हाईवे को ‘ग्रीन हाईवे’ के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया। इसके लिए वैज्ञानिक तरीके से लैंडस्केपिंग और ऐसी प्रजातियों के पेड़ लगाने की बात कही, जो ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड सोखकर ऑक्सीजन छोड़ सकें।
उन्होंने कहा कि बेहतर पानी, बिजली, परिवहन और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं निवेश को आकर्षित करती हैं और रोजगार के अवसर पैदा करती हैं।
‘क्रिमिनल, अंडरवर्ल्ड और रेड लाइट एरिया में मुझे 92 फीसदी वोट मिला’
अक्सर अपने बेबाक बयानों के चलते सुर्खियों में रहने वाले केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने फिर ऐसा बयान दिया है जिसकी वजह से वह फिर चर्चाओं में हैं। नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने वोट प्रतिशत का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें शिक्षित आबादी वाले इलाकों से ज्यादा क्रिमिनल, अंडरवर्ल्ड और रेड लाइट एरिया जैसे इलाकों में वोट मिले हैं।
