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नितिन गडकरी धड़ाधड़ घोषणाएं कर रहे हैं महाराष्ट्र में

केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु जिस तरह से महाराष्ट्र और मुंबई विकास के लिए धड़ाधड़ घोषणाएं कर रहे हैं उससे किसी को भी लग सकता है कि ये पूरे देश के मंत्री हैं या महाराष्ट्र के? 90 हजार करोड़ की बहुचर्चित रिंग रोड परियोजना नितिन गडकरी का सपना […]

Author January 13, 2015 17:29 pm
केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु जिस तरह से महाराष्ट्र और मुंबई विकास के लिए धड़ाधड़ घोषणाएं कर रहे हैं

केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु जिस तरह से महाराष्ट्र और मुंबई विकास के लिए धड़ाधड़ घोषणाएं कर रहे हैं उससे किसी को भी लग सकता है कि ये पूरे देश के मंत्री हैं या महाराष्ट्र के?

90 हजार करोड़ की बहुचर्चित रिंग रोड परियोजना नितिन गडकरी का सपना है। बीते दिनों उनके इस सपने की सूबे में खासी चर्चा थी। हालैंड के दौरे में गडकरी ने वहां ऐसे रास्ते देखे थे, जो जमीन के नीचे बने थे। लिहाजा यहां आकर घोषणा कर दी कि नरीमन पाइंट से भायंदर तक 90 हजार करोड़ लागत का रिंग रोड बनाया जाएगा, जो राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ दिया जाएगा। गडकरी ने कहा कि पैसों की समस्या नहीं है और उनकी कोशिश है कि किसी तरह यह परियोजना 60 हजार करोड़ रुपए में पूरी हो जाए।

गडकरी ने नागपुर में प्रदूषण मुक्त ईंधन से चलने वाली ग्रीन बसें प्रयोग के तौर पर शुरू की है। वह नागपुर में ऐसी 1200 बसें चलाना चाहते हैं। इसके अलावा मुंबई के समुद्री किनारों पर यातायात शुरू करना चाहते हैं। गडकरी ऐसी बसें चलाना चाहते हैं, जो जमीन के साथ-साथ पानी में भी चल सकें। जल यातायात के लिए स्वंत्रत प्राधिकरण बनाने का बातें भी की जा रही हैं। मुंबई, ठाणे, नई मुंबई और पालघर जिलों में यातायात के लिए स्वतंत्र प्राधिकरण बनाने पर काम भी चल रहा है।

गडकरी के बाद दूसरे केंद्रीय मंत्री हैं सुरेश प्रभु। महाराष्ट्र के प्रभु रेल मंत्री हैं और संभवत: पहले ऐसे रेल मंत्री हैं जो मुंबई की उपनगरीय रेलों में बढ़ती भीड़ से चिंतित नजर आते हैं। प्रभु लोकल ट्रेनों में भीड़ कम करने के लिए डबल डेकर लोकल ट्रेनें चलाने, मुंबई के दफ्तरों का समय बदलने, लोकल ट्रेनों के लिए टाक्स फोर्स बनाने, मोबाइल टिकट शुरू करने जैसी कई घोषणाएं कर चुके हैं।

सिर्फ सूबे के विकास की ही नहीं दूसरे राज्यों की योजनाओं तक की घोषणा महाराष्ट्र में करने से केंद्र के मंत्री पीछे नहीं हट रहे हैं। बीती दस जनवरी को मालवण में कोकणवासी सुरेश प्रभु का सम्मान समारोह रखा था। प्रभु ने यहां भी घोषणाएं करने में कसर नहीं रखी। उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय जल्दी ही चीन की सीमा से लगे इलाकों में रेलों का जाल बिछाएगा। इसके लिए रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर के साथ मार्च से मई के बीच सीमावर्ती इलाकों का सर्वे किया जाएगा। केंद्र सरकार इस पर दो लाख करोड़ रुपए खर्च करेगी।

1995 में राजापुर क्षेत्र से शिव सेना सांसद रहे प्रभु ऐसी व्यवस्था करना चाहते हैं जिससे देश में जमीन, पानी और हवा में रास्ते तैयार हों। वह देश के 7800 किमी समुद्र किनारे को रेल और हवाई मार्ग से जोड़ना चाहते हैं।

रेल यातायात और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विदेशी निवेश का संकेत दे चुके प्रभु को आगामी दिनों में रेल कर्मचारियों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है।

द नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमैन रेलवे में विदेशी निवेश के मामले पर जून से विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दे चुकी है।

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