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‘आने वाले वक्त में एटीएम, क्रेडिट, डेबिट कार्ड्स भी नहीं करेंगे काम’

भारत में टेक्नोलॉजी का इतनी तेज रफ्तार से प्रयोग हो रहा है कि अगले तीन-चार साल में डिजिटल लेनदेन मोबाइल वॉलेट और बायोमीट्रिक माध्यमों से ही होगा।

भारत में टेक्नोलॉजी के साथ साथ मोबाइल बैंकिग तेजी से बढ़ रही है।

नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत का कहना है कि भारत में टेक्नोलॉजी के बढ़ते प्रसार के कारण डिजिटल लेनदेन मोबाइल वॉलेट्स और बायोमीट्रिक माध्यमों के जरिए किए जाएंगे। एटीएम, क्रेडिट, डेबिट कार्ड्स का चलन खत्म हो जाएगा। कांत ने पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) की व्यापार और निवेश सेवा सुविधाएं (टीआईएफएस) लॉन्च करने के मौके पर कहा, टेक्नोलॉजी का भारत के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। उन्होंने कहा, भारत में फिजिकल बैंकिंग लगभग समाप्त हो चुकी है। भारत में टेक्नोलॉजी का इतनी तेज रफ्तार से प्रयोग हो रहा है कि अगले तीन-चार साल में डिजिटल लेनदेन मोबाइल वॉलेट और बायोमीट्रिक माध्यमों से ही होगा। कांत ने कहा, एटीएम, क्रेडिट, डेबिट कार्ड्स का चलन पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

दुनियाभर में छाई आर्थिक मंदी के बावजूद भारत का 7.6 प्रतिशत की दर से विकास हो रहा है। कांत ने कहा, अमेरिका और यूरोप की आबादी बूढ़ी होती जाएगी, जबकि भारत की आबादी युवा होगी। व्यापार के नियमों को आसान बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा, पिछले साल हमने 1200 नियम खत्म कर दिए। कांत ने कहा कि भारत, देश में आने वाले निवेश पर विपरीत प्रभाव डालने वाले नियम-कानूनों को समाप्त करता रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत अपनी अर्थव्यवस्था के विस्तार के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा करेगा। नीति आयोग के सीईओ ने कहा, भले ही ट्रंप अमेरिकी अर्थव्यवस्था के संरक्षणवाद की बात करते हों, लेकिन यहां संरक्षणवाद की कोई चर्चा नहीं है।

कांत ने कहा, भारत वैश्वीकरण में यकीन रखता है और वह कभी भी संरक्षणवाद की बात नहीं करेगा। परिणामस्वरूप भारत ऐसी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरेगा, जो निवेश और विकास को आकर्षित करेगी और आर्थिक सहभागिता का सबसे अच्छा और भरोसेमंद केंद्र बन जाएगा। कांत ने कहा कि भारत कई प्रकार से इनोवेशन का केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा, करीब 1500 कंपनियों ने हैदराबाद और बेंगलुरू में अपने इनोवेशन सेंटर खोले हैं। भारत सस्ती इंजीनियरिंग का केंद्र है।

भारत में कनाडा के उच्चायुक्त नादिर पटेल ने इस मौके पर कहा कि भारत और कनाडा के द्विपक्षीय संबंध इस समय सबसे अधिक मजबूत हैं। उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जस्टिन टड्रो के बीच अच्छे तालमेल को देते हुए द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने पर जोर दिया। वहीं, अमेरिका के कार्यवाहक चीफ डी मिशन जॉर्ज एन. सिबली ने कहा कि भारत और अमेरिका के सहयोग से पूरी दुनिया को फायदा होगा। सिबले ने कहा, हम मानते हैं कि भारत का विकास हमारे राष्ट्रीय हित में है।

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