ताज़ा खबर
 

NIT protest: J&K पुलिस अधिकारियों ने कहा, हमें राष्ट्रवाद के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पद पर तैनात मुसब्बिर लतीफी और बारामूला मुख्यालय में उपाधीक्षक फिरोज याहया ने गुरुवार को सोशल मीडिया के माध्यम से राज्य पुलिस की आलोचना का जवाब दिया।

Author श्रीनगर | Published on: April 8, 2016 8:17 PM
एनआईटी कैम्पस के बाहर तैनात सीआरपीएफ का एक जवान। (Photo Source: PTI)

श्रीनगर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में पढ़ने वाले राज्य से बाहर के छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर आलोचना का सामना कर रही जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पलटवार करते हुए कहा कि उसको किसी से राष्ट्रवाद या निष्पक्षता के प्रमाणपत्र करने की जरूरत नहीं है। पुलिस की अपराध शाखा में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पद पर तैनात मुसब्बिर लतीफी और बारामूला मुख्यालय में उपाधीक्षक फिरोज याहया ने गुरुवार को सोशल मीडिया के माध्यम से राज्य पुलिस की आलोचना का जवाब दिया।

लतीफी ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘जम्मू-कश्मीर पुलिस को उन लोगों से राष्ट्रवाद या निष्पक्षता के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है जिनकी दिलेरी कीपैड से बाहर नहीं जा पाती। जम्मू-कश्मीर पुलिस बलिदान और साहस की गाथा है तथा उसने आतंकवाद नाम के पागलपन से राज्य को बाहर निकाला है।’

साथ ही लतीफी ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर पुलिस इस आधार पर भेदभाव नहीं करती है कि कौन स्थानीय है और कौन स्थानीय नहीं है। न ही हमें लोगों को पीटने में मजा आता है। कानून-व्यवस्था को कायम रखने और गैरकानूनी ढंग से जमा लोगों को तितर-वितर करने के लिए ताकत का इस्तेमाल किया जाता है।’

याहया ने कहा कि उनके कई सहकर्मी यह सवाल करते आ रहे हैं और कई सोच भी रहे होंगे कि ‘हम किसकी लड़ाई लड़ रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मैं सिर्फ इतना कहता हूं कि यह एक और दौर है जो गुजर जाएगा। जम्मू-कश्मीर पुलिस को किसी के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। जब किसी दूसरे संस्थान के छात्र के खिलाफ कानून तोड़ने के लिए पुलिस कार्रवाई होती है तो संदेह नहीं किया जाता है, लेकिन यहां विवाद खड़ा हुआ क्योंकि हम एक खास संस्थान के छात्रों के मामलों को देख रहे हैं।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories