ताज़ा खबर
 

वित्त मंत्री का बड़ा ऐलान! कर्मचारियों को एलटीसी में नकद वाउचर का भुगतान करेगी सरकार, अर्थव्यवस्था को मिलेगी मदद

एलटीसी पर नकद वाउचर योजना से सरकारी खजाने पर 5,675 करोड़ रुपये का भार पड़ेगा। वित्त मंत्री ने बताया कि सार्वजनिक उपक्रमों और बैंकों को 1,900 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

nirmala sithraman finance minister indian economyवित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

महामारी ने अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव ​डाला। सरकार की कई घोषणाओं के जरिए गरीब और कमजोर तबकों की जरूरतों को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि आपूर्ति की बाधा को कम किया गया लेकिन अभी भी उपभोक्ता मांग को प्रोत्साहित करने की जरूरत है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि महामारी से अर्थव्यवस्था प्रभावित किया। मांग बढ़ाने के लिए नए प्रस्ताव पेश किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मांग को प्रोत्साहन देने के लिए खर्च के लिए अग्रिम में राशि दी जाएगी। इसके लिए सरकार एलटीसी (Leave Travel Concession) ) नकद वाउचर योजना और विशेष त्योहार अग्रिम योजना शुरू करने जा रही है।

एलटीसी पर नकद वाउचर योजना से सरकारी खजाने पर 5,675 करोड़ रुपये का भार पड़ेगा। वित्त मंत्री ने बताया कि सार्वजनिक उपक्रमों और बैंकों को 1,900 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

एलटीसी के इन नकद वाउचर को गैर खाद्य जीएसटी रेटिड उत्पादों को खरीदने में ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। वित्त मंत्री की जीएसटी काउंसिल की आज बैठक भी होनी है।

आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये केन्द्र सरकार राज्यों को 12,000 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त कर्ज उपलब्ध करायेगी। कर्ज 50 साल की अवधि का होगा और यह पूंजीगत परियोजनाओं पर खर्च करने के लिये दिया जायेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को अचानक बुलाये गये संवाददाता सम्मेलन में इस योजना की घोषणा करते हुये कहा कि 12,000 करोड़ रुपये की राशि में से 1,600 करोड़ रुपये पूर्वोत्तर राज्यों को और 900 करोड़ रुपये उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को दिए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि 7,500 करोड़ रुपये की राशि शेष राज्यों को दी जाएगी। वहीं 2,000 करोड़ रुपये उन राज्यों को दिए जाएंगे जिन्होंने पहले बताये गये सुधारों को पूरा कर लिया होगा।

सीतारमण ने योजना के बारे में जानकारी देते हुये कहा कि पूरी राशि नई या मौजूदा पूंजीगत परियोजनाओं पर खर्च की जा सकेगी। सीतारमण ने कहा कि राज्य ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ताओं के लिए बिलों का निपटान भी इससे कर सकते हैं, लेकिन पूरी राशि का भुगतान 31 मार्च, 2021 से पहले करना होगा। उन्होंने कहा कि यह कर्ज राज्यों की उधारी सीमा से अलग होगा। 50 साल बाद राज्यों को इसका भुगतान एक बार में करना होगा।

सरकार स्पेशल फेस्टिवल एडवांस स्कीम के तहत प्रत्येक प्रत्येक कर्मचारी को 10,000 रुपए का एडवांस भी ऑफर कर रही है। यह एडवांस 10 किस्तों में वापस किया जा सकेगा।

इस योजना पर सरकार करीब 4000 करोड़ रुपए खर्च करेगी। यदि इस योजना का विस्तार राज्य सरकार के कर्मचारियों तक किया जाता है तो फिर खर्च बढ़कर 8000 करोड़ रुपए हो सकता है। बता दें कि कर्मचारियों को यह एडवांस रकम किसी त्योहार पर 31 मार्च 2021 तक ही खर्च करनी होगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि यह कर्ज राज्यों की उधारी सीमा से अलग होगा। 50 साल बाद राज्यों को इसका भुगतान एक बार में करना होगा। वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा 25,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त पूंजीगत व्यय की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह अतिरिक्त राशि सड़क, रक्षा ढांचे, जलापूर्ति और शहरी विकास पर खर्च की जाएगी। यह 4.13 लाख करोड़ रुपये के निर्धारित बजट के अतिरिक्त होगी।

सरकार को उम्मीद है कि एलटीसी कैश वाउचर स्कीम से ही बाजार में करीब 28 हजार करोड़ रुपए की उपभोक्ता डिमांड पैदा होगी। सरकार का अनुमान है कि अगर 50 फीसदी राज्यों ने भी अपने कर्मचारियों को एलटीसी पर नकद वाउचर की सुविधा दी तो इससे 9000 करोड़ रुपए की उपभोक्ता डिमांड पैदा होगी। जिसका फायदा अर्थव्यवस्था को मिलेगी। बता दें कि लॉकडाउन के चलते उपभोक्ता डिमांड में भारी कमी आयी है। इसके चलते अर्थव्यवस्था उबर नहीं पा रही है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 सोनिया गांधी को खुशबू सुंदर ने भेजा इस्तीफा, कहा- बड़े पदों पर बैठे कुछ लोग दे रहे हुक्म; Congress ने प्रवक्ता पद से हटाया
2 कौन हैं खुशबू सुंदर, जिन्होंने BJP में जाने के लिए छोड़ दी Congress?
3 COVID-19 फोन, बैंक नोट पर 28 दिन तक रह सकता है एक्टिव- स्टडी में दावा
यह पढ़ा क्या?
X