PNB SCAM: नीरव मोदी को बैंक ने फर्जीवाड़े से जारी किए थे 25000 करोड़ रुपये के एलओयू! ऑडिट रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासे

इस ऑडिट में जो तथ्य सामने आए हैं, उससे पता चलता है कि भ्रष्टाचार किस हद तक बैंक सिस्टम की जड़ों तक फैला हुआ था और किस तरह फर्जी तौर तरीकों का इस्तेमाल करके सालों तक नजरों में आए बिना काम चलता रहा।

हीरा व्यापारी नीरव मोदी ने पिछले साल जनवरी के पहले सप्ताह में भारत छोड़ दिया था। (indian express file)

हीरा कारोबारी नीरव मोदी द्वारा कथित तौर पर पंजाब नैशनल बैंक को अरबों का चूना लगाए जाने के मामले का खुलासा हुए करीब 2 साल हो चुके हैं। इस घोटाले के सभी पहलुओं की जांच के लिए बैंक ने एक विस्तृत फोरेंसिक ऑडिट करवाया। इस ऑडिट में जो तथ्य सामने आए हैं, उससे पता चलता है कि भ्रष्टाचार किस हद तक जड़ें जमाए बैठा था और नीरव मोदी की कंपनियों द्वारा किस तरह फर्जी तौर तरीकों का इस्तेमाल करके सालों तक नजरों में आए बिना काम चलता रहा।

पीएनबी ने इस घोटाले की शिकायत सीबीआई को करने के बाद 2018 में बेल्जियम के ऑडिटर बीडीओ को इस मामले की तह तक जाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। ऑडिटर ने जून 2018 तक सौंपी गई सूचनाओं की जांच की और पाया कि पीएनबी की ओर से कुल 28000 करोड़ रुपये मूल्य के 1561 लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) नीरव मोदी ग्रुप को जारी किए गए। इनमें से 25000 करोड़ रुपये के 1,381 LoU को ऑडिटर ने फर्जीवाड़े के जरिए जारी होना पाया।

जांच में यह भी पाया गया कि जिन 23 एक्सपोर्टर के नाम से ये LoU जारी किए गए, उनमें से 21 पर नीरव मोदी का ‘नियंत्रण’ था। इसके बाद, बैंक को भुगतान करने के लिए 6000 करोड़ रुपये मूल्य के 193 LoU का गलत इस्तेमाल किया गया। बता दें कि ऑडिटर ने इस जांच से जुड़ी 5 अंतरिम रिपोर्ट और एक फाइनल रिपोर्ट बैंक को सौंपी है। बैंक की ओर से ऑडिटर को यह जिम्मेदारी दी गई थी कि वह नीरव मोदी और उसकी सात कंपनियों/सहायक कंपनियों की जांच करे।

बीडीओ के 329 पेज के इस फोरेंसिक रिपोर्ट को एक विसिलब्लोअर ने इंटरनैशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) को सौंपी। आईसीआईजे और द इंडियन एक्सप्रेस के बीच हुए समझौते के तहत, फोरेंसिक टीम के निष्कर्षों को कई रिपोर्ट्स के जरिए सामने लाया जाएगा। नीरव मोदी का फर्जीवाड़ा कितना बड़ा था, इसका आकलन करने के मामले में बीडीओ की फोरेंसिक रिपोर्ट केंद्रीय जांच एजेंसियों सीबीआई और ईडी से भी आगे निकलती नजर आती है।

बीडीओ की टीम ने नीरव मोदी और उसके परिवार की सभी संपत्तियों की सूची बनाई है। बीडीओ ने नीरव मोदी और उसके परिवारवालों की भारत में 20 ऐसी संपत्तियों का जिक्र किया है जिनका किसी भी वित्तीय लेनदेन में बतौर सिक्योरिटी इस्तेमाल ही नहीं किया गया। इसके अलावा, भगोड़े हीरा कारोबारी के पास भारत में 1300 करोड़ रुपये मूल्य की 15 ऐसी संपत्तियां हैं, जिनका इस्तेमाल बतौर सिक्योरिटी गारंटी हुआ। इसके अलावा, नीरव मोदी की विदेश में भी 13 अचल संपत्तियों के बारे में पता चला है।

फोरेंसिक रिपोर्ट में नीरव मोदी की चल संपत्तियों में 5 लग्जरी कारों और एक बोट का जिक्र है। इसके अलावा, एक लंबी चौड़ी 106 पेंटिंग्स की सूची है, जिनका मूल्य 20 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। इन पेटिंग्स में एमएफ हुसैन, जमीनी रॉय, जोगेन चौधरी और राजा रवि वर्मा की कलाकृतियां तक शामिल हैं।

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