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निरंकारी मिशन के प्रमुख हरदेव सिंह का सड़क दुर्घटना में निधन

62 वर्षीय बाबा हरदेव सिंह 1980 में पिता सतगुरु गुरबचन सिंह की हत्‍या के बाद निरंकारी समुदाय के प्रमुख बने थे।
Author चंडीगढ़ | May 14, 2016 02:10 am
निरंकारी समुदाय के प्रमुख बाबा हरदेव सिं‍ह का शुक्रवार को निधन हो गया।

निरंकारी मिशन के प्रमुख हरदेव सिंह का कनाडा में एक सड़क दुर्घटना में शुक्रवार को निधन हो गया। वह 62 वर्ष के थे। नई दिल्ली में संत निरंकारी मंडल द्वारा जारी बयान में कहा गया, ‘गहरे दु:ख एवं शोक के साथ सभी को सूचित किया जाता है कि निरंकारी संत बाबा हरदेव सिंह जी महाराज सर्वशक्तिमान ईश्वर में विलीन हो गए हैं। वह कनाडा में एक कार में सवार होकर कहीं जा रहे थे और उसी दौरान शुक्रवार (13 मई) सुबह करीब पांच बजे (भारतीय समयानुसार) उनकी कार भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई।’ मंडल के सदस्य प्रभारी कृपा सागर ने कहा, ‘विस्तृत सूचना मिलते ही उसके बारे में बताया जाएगा। इस बीच संत निरंकारी मंडल ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे फिलहाल दिल्ली या मिशन के मुख्यालय नहीं आएं।’ संत हरदेव सिंह धार्मिक सभाओं में शामिल होने के लिए कनाडा गए थे। कनाडा के टोरंटो में जून में निरंकारी अंतरराष्ट्रीय समागम (एनआइएस) होने वाला था।

हरदेव सिंह का जन्म दिल्ली में 23 फरवरी, 1954 को गुरबचन सिंह और कुलवंत कौर के घर हुआ। उनके पिता गुरबचन सिंह निरंकारी प्रमुख थे। संत गुरबचन सिंह की हत्या कर दी गई थी। हरदेव सिंह ने दिल्ली स्थित संत निरंकारी कॉलोनी के रोजरी पब्लिक स्कूल से प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद उन्होंने 1963 में पटियाला स्थित यदविंद्र पब्लिक स्कूल में दाखिला लिया जो बोर्डिंग स्कूल है। अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई की। वह 1971 में निरंकारी सेवा दल में प्राथमिक सदस्य के तौर पर जुड़े। पिता गुरबचन सिंह की हत्या के बाद हरदेव सिंह ने संगठन के ‘सतगुरू’ के रूप में जिम्मेदारी संभाली। जब 1980 में गुरबचन सिंह की हत्या हुई, उस समय वह संत निरंकारी मिशन के प्रमुख थे। संत निरंकारी मिशन की स्थापना 1929 में बूटा सिंह ने की थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदेव सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे ‘आध्यात्मिक जगत के लिए त्रासदीपूर्ण एवं अपूरणीय क्षति’ बताया। उन्होंने कहा, ‘इस दु:खद समय में संत हरदेव सिंह के अनगिनत अनुयायियों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं।’ इस बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और सिरसा में मुख्यालय वाले डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह ने बाबा हरदेव सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया। खट्टर ने शोक संदेश में हरदेव सिंह को ‘महान आध्यात्मिक गुरु’ बताते हुए कहा, ‘उन्हें मानवता के प्रति उनकी अथक सेवा के लिए याद किया जाएगा। उनका निधन आध्यात्मिक जगत के लिए बहुत बड़ा नुकसान है।’

पंजाब प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह ने कहा कि हरदेव सिंह का निधन ‘केवल उनके अनुयायियों के लिए नहीं बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए बड़ी क्षति है। वह महान आध्यात्मिक गुरु थे। उनके निधन से आध्यात्मिक जगत में पैदा हुए खालीपन को भरना बहुत कठिन होगा। मैं इस मुश्किल समय में उनके परिवार और अनुयायियों के दु:ख में निजी तौर पर शामिल हूं।’ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हरदेव सिंह के निधन को ‘मानवता के लिए अपूरणीय क्षति’ बताया। रावत ने कहा, ‘अध्यात्म की दुनिया में बाबा हरदेव सिंह जी के काम को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने निरंकारी मिशन को नया आयाम दिया। उनका निधन मानवता के लिए अपूरणीय क्षति है।’ उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि आतंक से पीड़ित इस दुनिया में उनके ज्ञान के शब्द एक अंधेरे कमरे में मार्गदर्शन करने वाले प्रकाश की तरह थे।

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