बरेली और बिहारशरीफ सहित देश के नौ शहर स्मार्ट सिटी परियोजना के हिस्सा बने - Nine Cities Including Bareilly and Bihar Sharif Became Part of Smart City Project - Jansatta
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बरेली और बिहारशरीफ सहित देश के नौ शहर स्मार्ट सिटी परियोजना के हिस्सा बने

आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि एक शहर पूर्वोत्तर राज्य से चयन किया गया है लेकिन संबद्ध राज्य में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू हो जाने के कारण इस शहर का नाम बाद में घोषित किया जाएगा।

Author नई दिल्ली | January 19, 2018 8:31 PM
आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़ी यह जानकारी दी।

उत्तर प्रदेश में बरेली और बिहार में बिहारशरीफ सहित विभिन्न राज्यों के नौ शहरों को स्मार्ट सिटी परियोजना में शामिल किया गया है। आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को स्मार्ट सिटी परियोजना में शामिल किये जाने वाले शहरों की चयन प्रक्रिया के परिणामों का खुलासा करते हुए यह जानकारी दी। पुरी ने बताया कि शहरों के चयन की प्रक्रिया के चौथे चरण में उत्तर प्रदेश के सर्वाधिक तीन शहरों बरेली, मुरादाबाद और सहारनपुर को जगह मिली है। इसके अलावा तमिलनाडु में इरोड, दादर नगर हवेली में सिलवासा, लक्षद्वीप में कवारती, अरुणाचल प्रदेश में ईटानगर और दमन दीव में दीव शहर को जगह मिली है।

स्मार्ट सिटी परियोजना में 90 शहरों को पहले ही शामिल किया जा चुका है। इस चरण में दस शहरों को चुना गया है। पुरी ने स्पष्ट किया कि एक शहर पूर्वोत्तर राज्य से चयन किया गया है लेकिन संबद्ध राज्य में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू हो जाने के कारण इस शहर का नाम बाद में घोषित किया जाएगा। पुरी ने बताया कि इस चरण में स्मार्ट सिटी परियोजना के मानकों पर खरे उतरने वाले चयनित शहरों में सिलवासा अव्वल रहा।

उन्होंने बताया कि चयनित शहरों ने अपने स्मार्ट सिटी प्रस्तावों में परियोजना के मानकों के मुताबिक 12824 करोड़ रुपए के विकासकार्यों की कार्ययोजपा पेश की है। इस राशि की मदद से इन शहरों में जीवन को सुविधापूर्ण और सुगम बनाया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि सरकार का लक्ष्य इस परियोजना के पहले चरण में 100 शहरों को केन्द्र सरकार की तरफ से प्रत्येक शहर को 500 करोड़ रुपए दिया जा रहा है। शेष राशि संबद्ध शहर स्थानीय निकाय बॉन्ड के अलावा निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की भागीदारी से जुटा रहे है।

उल्लेखनीय है कि एमबीए स्रातक से सरपंच बनीं छवि राजावत ने हाल ही में कहा था कि देश और स्मार्ट सिटी की समग्र प्रगति के लिए गांवों का विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा था कि गांवों को स्मार्ट बनाए बिना स्मार्ट सिटी संभंव नहीं। राजावत ने कहा था कि पंचायतें धन की मंजूरी के लिए नौकरशाही पर निर्भर हैं। परिणाम देने के लिए पंचायतों को वित्तीय शक्तियां प्रदान की जानी चाहिए। राजस्थान में सोडा गांव की सरपंच छवि राजावत ने फिक्की लेडीज आॅर्गेनाइजेशन (एफएलओ) के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “स्मार्ट गांव के बिना स्मार्ट शहर संभव नहीं हैं… हम शहरों की आरामदायक जिंदगी में रहते हैं और अक्सर यह भूल जाते हैं कि हमारे देश में अधिकांश लोग गांवों में रहते हैं।”

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