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युवाओं को ISIS में भर्ती कराने का शक, केरल में तीन स्थानों पर NIA की छापेमारी, संदिग्ध चीजें बरामद

NIA Raid: एनआईए ने एक बयान में कहा कि उसने कासरगोड में दो और पालक्काड में एक सहित तीन संदिग्धों के घरों पर छापेमारी की।

एनआईए ने केरल में तीन स्थानों पर छापेमारी की। (फाइल फोटो)

NIA Raid: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रविवार (28 अप्रैल) को आईएसआईएस कासरगोड मॉड्यूल मामले की जांच के तहत केरल में तीन स्थानों पर छापे मारे। एजेंसी ने एक बयान में कहा कि उसने कासरगोड में दो और पालक्काड में एक सहित तीन संदिग्धों के घरों पर छापेमारी की। एनआईए ने एक बयान में कहा, ‘‘इन लोगों के इस मामले के कुछ आरोपियों के साथ रिश्ते होने का संदेह है। ये आरोपी प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस, दाइश में शामिल होने के लिए भारत छोड़कर गये थे।’’

बयान में कहा गया कि तलाशी में मोबाइल फोन, सिम कार्ड, मेमोरी कार्ड, पेन ड्राइव, अरबी और मलयाली भाषा में लिखी डायरी, विवादित इस्लामी प्रवचनकर्ता जाकिर नाइक की पुस्तकें और डीवीडी, धार्मिक भाषणों वाली डीवीडी, सीडी, सैयद कुतुब की पुस्तकें जब्त की गईं। एजेंसी ने कहा, ‘‘डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच होगी।’’ उन्होंने कहा कि तीनों संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।

आईएसआईएस कासरगोड मॉड्यूल मामले के रूप में जाना जाने वाला यह मामला पिछले साल पहली बार सामने आया था, जब एनआईए ने कासरगोड में आईएसआईएस मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। उस समय एक 25 वर्षीय युवक हबीब रहमान को गिरफ्तार किया गया था। आगे की जांच में यह पता चला था कि मई और जुलाई के बीच 14 लोग आईएसआईएस में शामिल होने चले गए थे। ये लोग भारत तथा मध्य-पूर्व एशिया में काम कर रहे थे।

वहीं, दूसरी ओर ब्रिटेन के सुरक्षाबल देश और यूरोप में आतंकवादी हमलों की साजिश रचने में जुटे इस्लामिक स्टेट के तथाकिथत ‘क्रोकोडाइल सेल्स या स्लीपर सेल्स’ को ढूढने में लगे हुए हैं। स्थानीय मीडिया में इस आशय की खबर आयी है। देश के पुलिस प्रमुख श्रीलंका के आतंकवादी हमलों के आलोक में और हमले होने के डर से गिरजाघरों और मस्जिदों से आतंकवाद निरोधक प्रशिक्षण देने की अपील कर रहे हैं।

किंग्स कॉलेज लंदन के इंटरनेशनल सेंटर फोर स्टडी ऑफ रेडिकेलाइजेशन के चार्ली विंटर ने कहा, ‘‘अब जब आईएसआई को सीरिया एवं इराक में पराजित किया जा चुका है, तब वह (उसके) बाहर और हिंसक होगा। चूंकि उसका मूल केंद्र कमजोर हो गया है तो उसके बाहरी घटक और खतरनाक बनेंगे। यह एक गंभीर स्थिति है लेकिन भविष्य के लिए जो नजर आ रहा है, उससे लगता है कि संभवत हमें और हमलों से दो चार होना पड़े। श्रीलंका कोई छिट-पुट मामला नहीं है। यदि यह कोई संकेत है तो यह बस बानगी भर है।’’

ब्रिटेन की खुफिया एजेंसियां श्रीलंका के बम धमाकों से जुड़े आत्मघाती हमलावरों में एक अब्दुल लतीफ जामील मोहम्मद और ब्रिटेन के चरमपंथियों के बीच संबंधों की जांच में जुटी हैं क्योंकि यह बात सामने आयी है कि उसने ब्रिटेन में पढ़ाई की थी। मोहम्मद को पश्चिम देशों की खुफिया एजेंसिां इस हमले की साजिशकर्ताओं में एक मानती है। माना जाता है कि उसने हमले की तैयारी के लिए गुप्त तरीके से सीरिया की यात्रा की थी। उसे वहां जिहादी जॉन समेत आईएसआईएस लड़ाकों एवं भर्तीकर्ताओं ने कथित रूप से ट्रेनिंग दी। (भाषा इनपुट के साथ)

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