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NIA का खुलासा: कश्मीरी अलगावादी आसिया अंद्राबी का पाकिस्तानी सेना से कनेक्शन, ISI से मिली फंडिंग

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA ) ने अपनी जांच में इस बात का खुलासा किया है कि कश्मीरी अलगाववादी आसिया अंद्राबी का पाकिस्तानी सेना के साथ संपर्क था। इतना ही नहीं उसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की तरफ से फंड भी मिला था।

kashmir news, NIA, kashmiri separatist, Asia Andrabi, Pakistan Army, isi fund, pakistan army, terrorist in india, kashmir terrorist, Hindi news, news in Hindi, latest news, today news in Hindi अलगाववादी समूह दुख्तरान-ए-मिल्लत की प्रमुख है आसिया अंद्राबी। (फाइल फोटो)

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस बात का खुलासा किया है कि अलगाववादी समूह दुख्तरान-ए-मिल्लत की प्रमुख आसिया अंद्राबी पाकिस्तानी सेना के संपर्क में थी। इतनी ही नहीं उसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के जरिये पैसे भी मिलते थे। एनआईए के अनुसार आसिया पाकिस्तानी सेना में काम करने वाले एक अधिकारी के जरिये आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा और जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद के भी संपर्क में थी।

पाकिस्तानी सेना का यह अधिकारी आसिया का रिश्तेदार भी है। इससे पहले एनआईए ने सईद के साथ आतंकी फंडिंग मामले में मंगलवार को मसरत आलव, आसिया अंद्राबी और शबीर शाह को गिरफ्तार किया था। एनआईए ने इन्हें 10 दिन की न्यायिक हिरासत में लिया था। ये तीनों वर्तमान में अभी दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं।

एनआईए सूत्रों ने एक समाचार एजेंसी को बताया कि पाकिस्तान सेना का अधिकारी आसिया अंद्राबी का भतीजा है। इसके अलावा उसके एक और करीबी रिश्तेदार का पाकिस्तानी सेना और उनकी खुफिया विंग इंटर सर्विस इंटेलिजेंस (आईएसआई) के साथ संपर्क है।

जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि आसिया के कुछ रिश्तेदार जो दुबई और सऊदी अरब में रहते हैं, उन लोगों ने भारत में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए आसिया को पैसे भी पहुंचाए। दुख्तरान-ए-मिल्लत की संस्थापक आसिया भारत से कश्मीर के अलगाव के लिए काम कर रही है। आसिया को राष्ट्र के खिलाफ युद्ध छेड़ने के मामले में जुलाई 2018 में गिरफ्तार किया गया था।

पाकिस्तान का झंडा लहराया थाः आसिया सबसे पहले खबरों में उस समय आई थी जब उसने 4 साल पहले जम्मू और कश्मीर में पाकिस्तान का झंडा फहराने के साथ ही पाकिस्तानी राष्ट्रीय गान गाया था। बताया गया था कि इसके पीछे सईद का दिमाग था। इससे पहले एनआईए ने इन तीनों लोगों के लिए 15 दिन की न्यायिक हिरासत मांगी। दिल्ली की एक अदालत ने इन लोगों को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था।

2017 में दर्ज की थी एफआईआरः इससे पहले एनआईए ने 30 मई 2017 को अलवाववादियों के खिलाफ आतंकी संगठन से संबंध रखने के आरोप में चार्जशीट दाखिल की थी। इन लोगों पर अंद्राबी पर कश्मीर में पत्थरबाजी कराने के लिए लश्कर प्रमुख हाफिज सईद से पैसा हासिल करने का आरोप था। उसे साल 6 जुलाई 2018 में दिल्ली लाया गया।

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