नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड (NHB) की दो अहम योजनाओं को लेकर अचानक बड़ा फैसला सामने आया है। बोर्ड ने इन योजनाओं के तहत मिलने वाली मंजूरी के लिए नए आवेदन स्वीकार करना फिलहाल रोक दिया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब इन्हीं में से एक योजना को लेकर एक केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के परिवार से जुड़े लोगों को सब्सिडी मिलने का मामला चर्चा में रहा है।
द इंडियन एक्सप्रेस की जांच के बाद केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय से जुड़े मामले में 99 लाख रुपये की सब्सिडी वापस किए जाने के कुछ समय बाद NHB ने यह फैसला लिया है। बोर्ड ने कहा है कि संशोधित दिशानिर्देशों को लागू करने, लंबित मामलों की जांच और ऑनलाइन आवेदन प्रणाली को अपडेट करने के लिए यह अस्थायी रोक लगाई गई है।
4 सितंबर से नए आवेदन स्वीकार नहीं होंगे
राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड ने 3 सितंबर को जारी सर्कुलर में कहा कि 4 सितंबर 2026 से एक महीने तक दो योजनाओं के तहत ग्रांट ऑफ क्लीयरेंस (GoC) के लिए नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इनमें कमर्शियल हॉर्टिकल्चर के विकास से जुड़ी योजना और कोल्ड स्टोरेज के निर्माण, विस्तार एवं आधुनिकीकरण के लिए कैपिटल इन्वेस्टमेंट सब्सिडी स्कीम शामिल हैं।
इस दौरान इन योजनाओं के लिए नए GoC आवेदन जमा करने की ऑनलाइन सुविधा भी अस्थायी रूप से उपलब्ध नहीं रहेगी। NHB ने यह भी स्पष्ट किया है कि पहले से जमा किए जा चुके आवेदनों पर यह रोक लागू नहीं होगी। ऐसे मामलों को संशोधित दिशानिर्देशों और बोर्ड के अन्य निर्देशों के मुताबिक निपटाया जाएगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
NHB के मुताबिक संशोधित दिशानिर्देशों को व्यवस्थित तरीके से लागू करने के लिए यह कदम उठाया गया है। इसके तहत पहले से लंबित मामलों का आवश्यक सत्यापन किया जाएगा और ऑनलाइन आवेदन प्रणाली को भी अपडेट किया जाएगा।
GoC यानी ग्रांट ऑफ क्लीयरेंस इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि NHB की योजनाओं के तहत परियोजना के लिए क्रेडिट-लिंक्ड बैक-एंडेड सब्सिडी हासिल करने के लिए यह मंजूरी अनिवार्य होती है। बोर्ड ने यह भी कहा है कि नए आवेदन दोबारा कब से स्वीकार किए जाएंगे, इसकी जानकारी बाद में दी जाएगी।
99 लाख की सब्सिडी का क्या है पूरा मामला?
द इंडियन एक्सप्रेस की 27 जून की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार के परिवार के सदस्यों ने NHB की पहली योजना के तहत सब्सिडी का लाभ लिया था। गंगवार उस समय पशुपालन एवं डेयरी विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत थे।
रिपोर्ट के अनुसार उनकी पत्नी, मां और बेटे ने भी इस योजना के तहत सब्सिडी का लाभ लिया था। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि भागीरथ चौधरी ने ऐसी योजना के तहत सब्सिडी हासिल की, जो उनके ही मंत्रालय के अंतर्गत आती है। NHB में कृषि मंत्रालय के राज्य मंत्री पदेन उपाध्यक्ष भी होते हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद चौधरी ने NHB को 99 लाख रुपये की सब्सिडी वापस कर दी।
सरकार ने बदले योजना के नियम
मामला सामने आने के बाद सरकार ने योजना के दिशानिर्देशों में भी बदलाव किया। संशोधित नियम 21 अगस्त 2026 से प्रभावी हुए। नए नियमों के तहत संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों, कार्यरत मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, मेयरों, जिला पंचायत प्रमुखों और सरकारी कर्मचारियों को NHB योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता लेने से बाहर कर दिया गया। यानी अब ऐसे पदों पर रहने वाले लोगों को इन योजनाओं के तहत सब्सिडी का लाभ नहीं मिल सकेगा।
‘परिवार’ की परिभाषा भी बदली
संशोधित दिशानिर्देशों में ‘परिवार’ की परिभाषा में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहले योजना में परिवार की परिभाषा पति, पत्नी और आश्रित नाबालिग बच्चों तक सीमित थी। अब इसमें आवेदक के पति या पत्नी, पिता, माता, बेटे और बेटियां शामिल होंगे।
इस बदलाव का सीधा असर सब्सिडी के लिए पात्रता तय करने की प्रक्रिया पर पड़ेगा और परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम पर योजना का लाभ लेने की संभावनाओं को सीमित किया जा सकेगा।
क्या है NHB की कमर्शियल हॉर्टिकल्चर योजना?
नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड की ‘डेवलपमेंट ऑफ कमर्शियल हॉर्टिकल्चर थ्रू प्रोडक्शन एंड पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर क्रॉप्स स्कीम’ का उद्देश्य बड़े स्तर पर व्यावसायिक यानी लाभ के लिए बागवानी फसलों की खेती को बढ़ावा देना है।
इस योजना में शिमला मिर्च, खीरा और टमाटर जैसी फसलें शामिल हैं। इसके अलावा गुलाब, लिलियम और गुलदाउदी समेत फूलों की आठ किस्मों को भी योजना के दायरे में रखा गया है। योजना के तहत परियोजना लागत की अधिकतम 50 फीसदी सब्सिडी दी जा सकती है। इसकी अधिकतम सीमा प्रति परिवार 1 करोड़ रुपये तक है।
फिलहाल क्या होगा?
NHB की ओर से लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध का मतलब यह नहीं है कि दोनों योजनाएं बंद कर दी गई हैं। फिलहाल केवल नए GoC आवेदन स्वीकार करने पर एक महीने की रोक लगाई गई है। इस अवधि में बोर्ड संशोधित नियमों के अनुसार पुराने मामलों की जांच और प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। साथ ही ऑनलाइन आवेदन प्रणाली में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। नए आवेदन कब से शुरू होंगे, इसकी तारीख NHB बाद में घोषित करेगा।
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