scorecardresearch

पहले से ज्यादा लोग खा रहे नॉनवेज, पिछले छह सालों में हुई तेज वृद्धि- रिपोर्ट में दावा

2015-16 और 2019-21 के बीच छह साल की अवधि में सप्ताह में कम से कम एक बार मछली, चिकन या मांस का सेवन करने वाले पुरुषों का अनुपात सिक्किम में सबसे अधिक (49.1 प्रतिशत से 76.8 प्रतिशत) बढ़ा और त्रिपुरा में सबसे अधिक (94.8 प्रतिशत से 76.1 प्रतिशत) घटा।

Non vegetarian Food
देश में मांसाहार करने वाले लोगों की संख्या कई प्रदेशों में तेजी से बढ़ी है। (फाइल फोटो)

देश में मांसाहार भोजन करने वालों की संख्या में तेजी से बढ़त हुई है। द इंडियन एक्सप्रेस की द नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि पहले से कहीं अधिक लोग मांसाहारी भोजन कर रहे हैं, और ऐसा करने वाले भारतीय पुरुषों का अनुपात 2015 -16 और 2019-21 के बीच के छह वर्षों में तेजी से बढ़ा है।

2019-21 में कराए गए द नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-5) के हाल ही में जारी डेटा से पता चलता है कि 15-49 वर्ष की आयु के 16.6 प्रतिशत पुरुषों, जिन्होंने कभी मांसाहारी भोजन नहीं किया है, वे ‘मछली, चिकन या मांस’ को पसंद किए। उसी आयु वर्ग (15-49) की महिलाओं का अनुपात, जिन्होंने कभी भी ‘मछली, चिकन या मांस’ का सेवन नहीं किया है, 2019-21 में 29.4 प्रतिशत रहा।

इस प्रकार, 15-49 आयु वर्ग के 83.4 प्रतिशत पुरुष और 70.6 प्रतिशत महिलाएं प्रतिदिन, साप्ताहिक या कभी-कभी मांसाहारी भोजन करते हैं। इससे पहले के सर्वे (NFHS-4) में यह आंकड़ा पुरुषों के लिए 78.4 प्रतिशत और महिलाओं के लिए 70 प्रतिशत था। साप्ताहिक मांस खाने वालों का अनुपात भी तेजी से बढ़ा है। 57.3 प्रतिशत पुरुषों और 45.1 प्रतिशत महिलाओं ने NFHS-5 के दौरान सप्ताह में कम से कम एक बार मछली, चिकन या मांस खाने की बात स्वीकारी, जो 2015-16 में बताए गए आंकड़ों 48.9 प्रतिशत पुरुष और 42.8 प्रतिशत महिलाएं से अधिक है।

पुरुषों में मांसाहारी खाने वालों की यह श्रेणी 2019-21 में लक्षद्वीप में सबसे ज्यादा (98.4 फीसदी) और राजस्थान में सबसे कम (14.1 फीसदी) है। लक्षद्वीप के अलावा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (96.1%), गोवा (93.8%), केरल (90.1%) और पुडुचेरी (89.9%) शीर्ष 5 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हैं, जहां पुरुष सप्ताह मेँ कम से कम एक बार मांसाहारी भोजन जरूर खाते हैं। इसके अलावा राजस्थान के साथ, हरियाणा (13.4%), पंजाब (17%), गुजरात (17.9%) और हिमाचल प्रदेश (21.1%) इस सूची में सबसे नीचे के राज्य हैं।

2015-16 और 2019-21 के बीच छह साल की अवधि में सप्ताह में कम से कम एक बार मछली, चिकन या मांस का सेवन करने वाले पुरुषों का अनुपात सिक्किम में सबसे अधिक (49.1 प्रतिशत से 76.8 प्रतिशत) बढ़ा और त्रिपुरा में सबसे अधिक (94.8 प्रतिशत से 76.1 प्रतिशत) घटा।

धार्मिक समूहों में, 15-49 आयु वर्ग में ईसाई पुरुषों (80 प्रतिशत) और महिलाओं (78 प्रतिशत) ने सप्ताह में कम से कम एक बार मांसाहारी भोजन की सबसे अधिक खपत की। अन्य धार्मिक समूहों में इसी आयु वर्ग में हिंदू पुरुष : 52.5%, महिलाएं: 40.7%; मुस्लिम पुरुष: 79.5%, महिलाएं: 70.2%; सिख पुरुष: 19.5%, महिलाएं: 7.9%; बौद्ध/नव-बौद्ध पुरुष: 74.1%, महिलाएं: 62.2%; और जैन पुरुष 14.9%, महिलाएं: 4.3% शामिल हैं।

NFHS के निष्कर्ष बताते हैं कि ‘मछली, चिकन या मांस’ की तुलना में अधिक लोग अंडे का सेवन करते हैं। 2019-21 के दौरान 84.7 प्रतिशत पुरुषों ने दैनिक, साप्ताहिक या कभी-कभी अंडे खाने की बात स्वीकार की। 2015-16 में यह संख्या 80.3 प्रतिशत थी। यानी उसकी तुलना में 4 प्रतिशत संख्या बढ़ी है। महिलाओं में यह संख्या 72 प्रतिशत थी, जो कि वर्ष 2015-16 की संख्या 70.8 प्रतिशत से अधिक थी।

पढें राष्ट्रीय (National News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.