ताज़ा खबर
 

योगेंद्र यादव ने कहा- जैसे बंगाल में हारी भाजपा, वही होगा UP-उत्तराखंड में हाल; टिकैत भी बोले- BJP को हराने को रणनीति कर ली है तैयार

किसानों ने शनिवार को पंजाब और हरियाणा में भाजपा नेताओं के आवास के पास और अन्य स्थानों पर केंद्र के तीन कृषि कानूनों की प्रतियां जलायीं।

योगेंद्र यादव ने कृषि कानूनों को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। (एक्सप्रेस फोटो)।

कृषि कानूनों को लेकर किसान नेता एक बार फिर से केंद्र की बीजेपी नेतृत्व वाली मोदी सरकार पर हमलावर हो गए हैं। किसान नेता राकेश टिकैत ने आज कहा कि किसानों ने बीजेपी को हराने के लिए रणनीति तैयार कर ली है। वहीं योगेंद्र यादव ने कहा कि जिस तरह बीजेपी को बंगाल चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा था। पार्टी की ठीक वैसी ही हालत आने वाले यूपी और उत्तराखंड चुनाव में होने वाली है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार क़ानून वापस लेगी तो हम आंदोलन बंद कर देंगे।

मालूम हो कि किसानों ने शनिवार को पंजाब और हरियाणा में भाजपा नेताओं के आवास के पास और अन्य स्थानों पर केंद्र के तीन कृषि कानूनों की प्रतियां जलायीं। पिछले साल कृषि कानूनों से जुड़े अध्यादेश लागू होने के दिन को किसान ‘संपूर्ण क्रांति दिवस’ के तौर पर मना रहे हैं। काला झंडा थामे किसानों ने इन कानूनों को वापस नहीं लिए जाने को लेकर भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि इन कानूनों से कृषक समुदाय ‘बर्बाद’ हो जाएगा।

कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शन स्थलों के आसपास पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी और बैरिकेड लगाए गए। संयुक्त किसान मोर्चा ने कृषि कानूनों के खिलाफ ‘संपूर्ण क्रांति दिवस’ का आह्वान किया था। विभिन्न किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।


अमृतसर, जालंधर, मोहाली, अबोहर, होशियारपुर, बरनाला, नवांशहर, पटियाला, चंडीगढ़, सिरसा, जींद, करनाल, पानीपत और अंबाला में भी किसानों ने प्रदर्शन किया। फगवाड़ा में अर्बन एस्टेट में किसानों ने केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश के आवास के पास कृषि कानूनों की प्रतियों में आग लगा दी। प्रदर्शनकारी जीटी रोड के पास जमा हुए और केंद्रीय मंत्री के आवास की ओर निकले।

प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए प्रकाश के आवास की तरफ जाने वाली सड़क पर पुलिस ने बैरिकेड लगा रखे थे। विरोध के समय प्रकाश आवास पर नहीं थे। किसानों ने मोहाली जिले में भी प्रकाश के आवास के पास प्रदर्शन किया। किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड लगा रखे थे।

चंडीगढ़ में भी किसानों ने कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन किया। होशियारपुर में स्थानीय गुरुद्वारा सिंह सभा से शास्त्री मार्केट में भाजपा कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला गया और कानून की प्रतियां जलायी गयीं। करनाल में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किसानों से अपने प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था को नहीं भंग करने की अपील की।

अंबाला में किसानों ने हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज के आवास के पास प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन से जुड़े कुछ किसान समूह अंबाला छावनी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या एक पर पहुंच गए, जहां से कुछ मीटर की दूरी पर हरियाणा के गृह मंत्री का आवास है।

इसी तरह, किसानों ने अंबाला सिटी के भाजपा विधायक असीम गोयल के आवास के पास प्रदर्शन किया। पंचकूला में पुलिस ने किसानों पर तब लाठियां चलायीं, जब उन्होंने हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता के आवास की तरफ जाने का प्रयास किया।

पिछले साल अध्यादेश के तौर पर लागू होने के बाद संसद ने सितंबर में कृषि विधेयकों को मंजूरी दी। इसके बाद राष्ट्रपति ने इन विधेयकों को मंजूरी दे दी थी।

Next Stories
1 कृषि कानून पर अडिग हैं किसान, BKU के राकेश टिकैत ने किया साफ- 2024 तक जारी रहेगा किसान आंदोलन
2 कोरोना: ईना…मीना…डीका…लगवाओ भैया टीका-गाना गा AAP विधायक कर रहे दिल्ली वालों को जागरूक
3 कोरोना: पोस्टर्स के बहाने कांग्रेस ने पूछा था- हमारे बच्चों के टीके कहां हैं? केंद्र बोला- राजस्थान में कूड़े-कचरे में तो पंजाब में किया जा रहा ‘खेल’
ये पढ़ा क्या ?
X