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किसान आंदोलन पर बहस के बीच होने लगा मंदिर-मस्जिद, पैनलिस्ट बोले- मंदिर था तो क्यों तोड़ा

तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। पिछले लगभग 200 से अधिक दिनों से किसान दिल्ली बॉर्डर पर बैठे हुए हैं।

बीजेपी प्रवक्ता प्रेम शुक्ला और किसान नेता पुष्पेंद्र चौधरी

न्यूज 18 इंडिया पर किसानों के मुद्दे पर चल रहे एक शो के दौरान बीजेपी प्रवक्ता और किसान नेता के बीच मंदिर-मस्जिद को लेकर बहस होने लगी। किसान नेता पुष्पेंद्र चौधरी ने बीजेपी प्रवक्ता प्रेम शुक्ल के एक बयान के जवाब में कहा कि अयोध्या में अगर पहले से ही मंदिर था तो आप लोगों ने क्यों तोड़ा?

शो के दौरान बीजेपी नेता ने किसानों को अपराधी बताया, जवाब देते हुए किसान नेता ने कहा कि यही बात चुनाव के दौरान मोदी जी सभा में कह दें। बीजेपी को पता चल जाएगा कि कौन अपराधी है, कौन बलात्कारी है। इस बीच बीजेपी के प्रेम शुक्ल बोलने लगे उन्हें रोकते हुए पुष्पेंद्र चौधरी ने कहा कि आप यही आरोप चुनावी रेलियों में उत्तर प्रदेश में लगा दीजिएगा। जनता और किसान आपको जवाब दे देगी।

उन्होंने कहा कि आप इस तरह के आरोप न लगाए, घटनाएं हुई है ये सही बात है लेकिन इसके लिए सीधा किसानों पर आरोप लगा देना गलत है। आपके जमाने में जो बाबरी मस्जिद वाली घटना हुई थी वो तो विश्व को पता है। घटना के बाद किसी को सजा नहीं मिलना भी सबको पता है। बीजेपी प्रवक्ता ने बीच में सवाल किया कि वो मस्जिद थी?

पुष्पेंद्र चौधरी ने कहा कि क्या थी, क्या नहीं थी ये बात पूरा विश्व जानता है। उस समय मस्जिद ही थी। बीजेपी नेता लगातार सवाल करने लगे कि वो मस्जिद थी, वो मस्जिद थी? किसान नेता ने पलटवार करते हुए पूछा कि अगर मंदिर थी तो क्यों तोड़ा?

बताते चलें कि  तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। पिछले लगभग 200 से अधिक दिनों से किसान दिल्ली बॉर्डर पर बैठे हुए हैं। सरकार के साथ 11 दौर की वार्ता के बाद भी दोनों पक्ष के बीच कोई फैसला नहीं हो पाया। जिसके बाद से सरकार और किसानों के बीच डेडलॉक जारी है। दोनों ही पक्षों के बीच अंतिम बार वार्ता 22 जनवरी को हुई थी।

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