ताज़ा खबर
 

राजनीतिक विश्लेषक माजिद हैदरी बोले- चीन से डरती क्यूं है सरकार, भड़के रक्षा विशेषज्ञ ने निकाल फेंका माइक; देखें VIDEO

बहस में राजनीतिक विश्लेषक माजिद हैदरी ने कहा कि 1971 में भारत ने जब पाकिस्तान के साथ युद्ध किया था तब इंदिरा गांधी की शक्ति थी, आज क्या है? उन्होंने 1969 में रॉ बनाया और पाकिस्तान के टुकड़े किए। इन्होंने 6 साल में क्या किया?

News 18 India tv debateमाजिद और हैदरी के बीच चीन के लद्दाख में जमीन कब्जा करने और कोरोना को लेकर तल्ख हो गई। (फाइल फोटो)

चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर सोमवार को स्थिति कुछ बेहतर हुई। पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सेना के पीछे हटने की शुरुआत से एक दिन पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने टेलीफोन पर बात की जिसमें वे वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से सैनिकों के तेजी से पीछे हटने पर सहमत हुए।

चीन के साथ सीमा विवाद और पाकिस्तान के मुद्दे पर बहस के बीच दो पैनलिस्ट आपस में जुबानी जंग में भिड़ गए। टीवी न्यूज चैनल पर  जारी बहस में राजनीतिक विश्लेषक माजिद हैदरी ने कहा कि 1971 में भारत ने जब पाकिस्तान के साथ युद्ध किया था तब इंदिरा गांधी की शक्ति थी, आज क्या है? उन्होंने 1969 में रॉ बनाया और पाकिस्तान के टुकड़े किए। इन्होंने 6 साल में क्या किया? उन्होंने कहा कि  भाजपा वालों ने सिर्फ झूठ, सिर्फ लड़ाई, हिंदू को मुसलमान से लड़वाया। आज हर कोई हमारा दुश्मन बन गया।

हैदरी ने कहा कि आज हम चीन से डर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि हम चीन से क्यों डर रहे हैं? उन्होंने कहा कि अगर भाजपा वाले डरते हैं तो सत्ता छोड़ दें।  रक्षा विशेषज्ञ आरएसएन सिंह कोरोना संकट के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया। आरएसएन सिंह का कहना था कि चीन ने हॉन्गकॉन्ग पर भी अपना कानून थोपा है।

उनका कहना था कि चीन ने भारत में भी कोरोना वायरस फैलाने की कोशिश की। इस बातचीत के बीच में जब माजिद हैदरी ने जब फिर चीन की तरफ से लद्दाख में जमीन कब्जा करने की बात कही। इस बात पर आरएसएन सिंह बुरी तरह से भड़क गए। उन्होंने गुस्से में माजिद हैदरी को तीन बार चुप…चुप…चुप होने की बात कही। उन्होंने गुस्से में माइक निकाल कर फेंक दिया।

सिंह ने कहा क्या इसको रोज-रोज बहस में लेकर आते हो। उन्होंने कहा कि हम पढ़ेलिखे आदमी हैं और तुम इसके उठा के ले आते हो कहीं-कहीं से। इससे पहले  विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि डोभाल और वांग के बीच रविवार को हुई वार्ता में इस बात पर सहमति बनी कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता की पूर्ण बहाली के लिए सैनिकों का ‘‘जल्द से जल्द’’ पीछे हटना आवश्यक है तथा दोनों पक्षों को मतभेदों को विवाद में तब्दील नहीं होने देना चाहिए।

Next Stories
1 देश सवाल नहीं पूछ रहा, राहुल इज नॉट ईक्वल टु देश- गौरव बल्लभ को संबित पात्रा का जवाब
2 भीमा कोरेगांव केस: गौतम नवलखा मामले का रिकार्ड पेश करने से जुड़ा दिल्ली HC का आदेश निरस्त
3 उधर संकट में ओली सरकार, फिर भी बॉर्डर पर बाज़ नहीं आ रहा नेपाल! पीलीभीत के पास कर रहा था निर्माण, भारत ने यूं दिया जवाब
यह पढ़ा क्या?
X