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एयरपोर्ट से प्रत्येक मिनट 40 बैग होते हैं गुम, एक साल में 2.4 अरब डॉलर का नुकसान

अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि यह प्रणाली यात्रियों को कंवेयर बेल्ट से अपना सामान लेने की भी याद दिलाएगा। उनका कहना है कि ज्यादातर हवाईअड्डों पर बेहद कड़ी सुरक्षा होने के बावजूद सामान चोरी हो जाना, गुम हो जाना सामान्य है।

Author नई दिल्ली | Published on: June 24, 2019 4:46 PM
ज्यादातर हवाईअड्डों पर बेहद कड़ी सुरक्षा होने के बावजूद सामान चोरी हो जाना, गुम हो जाना सामान्य है।

लवली प्रोफेशनल यूनिर्विसटी के अनुसंधानकर्ताओं का दावा है कि उन्होंने एक ऐसी स्मार्ट प्रणाली विकसित की है जो हवाईअड्डों पर सामान की चोरी और कंवेयर बेल्ट से सामान लेने में होने वाली परेशानियों से यात्रियों को बचाएगा। पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिर्विसटी (एलपीयू) में विकसित यह प्रणाली लोगों को दूसरों का सामान चोरी करने से भी रोकेगी। अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि यह प्रणाली यात्रियों को कंवेयर बेल्ट से अपना सामान लेने की भी याद दिलाएगा। उनका कहना है कि ज्यादातर हवाईअड्डों पर बेहद कड़ी सुरक्षा होने के बावजूद सामान चोरी हो जाना, गुम हो जाना सामान्य है। ज्यादातर हवाईअड्डों में प्रवेश पर तो बेहद कड़ी सुरक्षा होती है लेकिन निकास द्वार पर ऐसा कोई इंतजाम नहीं होता है। एलपीयू का कहना है कि हवाईअड्डों के पास ऐसी कोई प्रणाली नहीं है जो सामान को लोकेट या ट्रैक कर सके, ऐसे में यात्रियों को अपना सामान लेने के लिए काफी देर तक कंवेयर बेल्ट के पास खड़े रहना पड़ता है।

एलपीयू के सहायक प्रोफेसर गुरजोत सिंह गाबा ने पीटीआई को बताया कि अपने अनुसंधान के दौरान हमने देखा कि हमारी जैसी सेवा मुहैया कराने वाली कोई प्रणाली किसी भी हवाईअड्डे पर नहीं है। हमारी खोज उन परेशानियों को दूर कर सकती है जिनके बारे में अभी तक कुछ नहीं किया गया है।
गाबा ने कहा, ‘‘हवाई यात्रा के लिए भारी-भरकम शुल्क चुकाने वाले यात्रियों को इससे लाभ होगा। उनका सामान गुम होने से बचेगा और वे हवाईअड्डे पर अपना सामान भी आसानी से ले सकेंगे।’’ विमानन क्षेत्र के आईटी विशेषज्ञ एसआईटीए की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में प्रत्येक मिनट में 40 बैगेज गुम होते हैं। 2018 में 2.84 करोड़ बैग गुम हुए थे जिससे हवाई परिवहन उद्योग को 2.4 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था।

एलपीयू में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशंस डिपार्टमेंट में इंजीनियरिंग के छात्र पवन कुमार राघव ने बताया कि वे इस प्रणाली को कारगर और सस्ती बनाने के लिए बार कोड और बार कोड स्कैनर का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली को कंवेयर बेल्ट पर लगाया जाएगा और यात्रियों का सामान कितनी देर में बेल्ट पर आने वाला है इसकी सूचना देने के लिए पास ही में एलसीडी स्क्रीन लगाए जाएंगे। राघव ने बताया कि हवाईअड्डे से निकलने के दौरान हमारी स्मार्ट प्रणाली सामान और उसके मालिक का मिलान करेगी। अगर सामान किसी और का है तो व्यक्ति सामान लेकर बाहर नहीं जा सकेगा।
इस टीम में बी. टेक के अन्य छात्र विकास सिंह और दीपक सिंह बिष्ट भी शामिल हैं।

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