राजधानी में वायु प्रदूषण रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को वायु प्रदूषण शमन कार्य योजना-2026 लागू कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि आगामी एक नवंबर से भारी वाहनों के प्रवेश पर नई पाबंदियां होंगी। इसके साथ ही पीयूसी के बिना ईंधन नहीं दिया जाएगा।

प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर शुक्रवार को ‘मुख्यमंत्री जनसेवा सदन’ में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ग्रीन बजट’ के जरिए दिल्ली सरकार ने साफ हवा और पर्यावरण को अपनी प्राथमिकता बनाया है।

इस बजट में साफ परिवहन, धूल पर नियंत्रण, कचरा प्रबंधन, हरियाली बढ़ाने और प्रदूषण की निगरानी के लिए पर्याप्त धन दिया गया है। वायु प्रदूषण शमन कार्य योजना-2026 इन्हीं योजनाओं को तय समय में और पूरी जिम्मेदारी के साथ लागू करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना प्रदूषण के बड़े कारणों जैसे वाहनों का धुआं, सड़कों की धूल, निर्माण कार्य, फैक्ट्रियों का प्रदूषण और कचरा या बायोमास जलाने को ध्यान में रखकर वैज्ञानिक तरीके से तैयार की गई है।

क्या बदलाव देखने को मिलेगा?

इसमें 11 अहम क्षेत्रों पर काम किया जाएगा और अलग-अलग विभाग मिलकर इसे लागू करेंगे। हर काम के लिए समय-सीमा व जिम्मेदारी तय है और वास्तविक समय निगरानी की व्यवस्था भी की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब ‘बिना पीयूसी ईंधन नहीं’ नियम को कड़ाई से लागू किया जा रहा है। जिसके लिए एएनपीआर कैमरे व डिजिटल सिस्टम लगाए जा रहे हैं।

इसके अलावा,आगामी एक नवंबर से ऐसे मालवाहक वाहनों को दिल्ली में आने की अनुमति नहीं होगी,जो बीएस-6, सीएनजी या इलेक्ट्रिक नहीं हैं। प्रदूषण बहुत ज्यादा बढ़ने पर दफ्तरों के समय में बदलाव व घर से काम करने व प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर अतिरिक्त रोक जैसे कदम उठाने पर भी विचार होगा।

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