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ताबड़तोड़ बड़े और विवादित फैसले ले रही थीं स्‍मृति ईरानी, नए मंत्री ने अफसरों से कहा- विवादों से बचें

सरकार की मौजूदा कई मीडिया यूनिट्स को मिलाकर एक यूनिट बनाने और 60 नए यूनिट्स की स्थापना कर ग्रामीण इलाकों तक 2019 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार की उपलब्धियों को बताने के लिए ईरानी ने नीतिगत फैसला लिया था जिस पर खूब विवाद हुआ था।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और राज्यमंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ विजेता कलाकारों को पुरस्कार देती हुई। Photo Source – Twitter

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्रियों के विभागों में फेरबदल के बाद राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ अब पूर्णकालिक तौर पर सूचना प्रसारण मंत्री का कामकाज देख रहे हैं। स्मृति ईरानी से पदभार लेने के बाद राठौड़ ने विभागीय अधिकारियों को सलाह दी है कि लोग विवादों से बचकर रहें। इससे पहले उन्होंने कई संगठनों के लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं पर चर्चा की। माना जा रहा है कि नए मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा लिए गए कई फैसलों की समीक्षा कर रहे हैं। स्मृति द्वारा लिए गए कई फैसलों से विवाद उत्पन्न हुए थे। बता दें कि सरकार की मौजूदा कई मीडिया यूनिट्स को मिलाकर एक यूनिट बनाने और 60 नए यूनिट्स की स्थापना कर ग्रामीण इलाकों तक 2019 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार की उपलब्धियों को बताने के लिए ईरानी ने नीतिगत फैसला लिया था जिस पर खूब विवाद हुआ था।

हालांकि, मंत्रालय के अधिकारी बताते हैं कि यह फैसला अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए लिया गया था। इकॉनोमिक टाइम्स को एक अधिकारी ने बताया कि ईरानी प्रेस इन्फॉरमेशन ब्यूरो (पीआईबी) की रूपरेख में आमूल-चूल परिवर्तन करने की योजना पर काम कर रही थीं। योजना के मुताबिक पीआईबी को सभी तरह के सरकारी कम्यूनिकेशन का काम देखना था। इनके अलावा रजिस्ट्रार ऑफ न्यूज पेपर्स फॉर इंडिया, केबल टीवी नेटवर्क और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया मॉनिटरिंग सेंटर को भी पीआईबी के दायरे में लाना था। डॉयरेक्टोरेट ऑफ फील्ड पब्लिसिटी को भी डीएवीपी और पब्लिकेशन डिवीजन का काम देखने को कहा गया था।

अधिकारी के मुताबिक कई सीनियर अफसरों को भी अलग-अलग शहरों में पदस्थापित किया गया था। इनके अलावा स्मृति ईरानी ने पीआईबी में अधिकारियों की कमी को देखते हुए दूरदर्शन से 15 और ऑल इंडिया रेडियो से 16 अधिकारियों को पब्लिसिटी ऑफिसर बनाकर तैनात कर दिया था, ताकि ये लोग विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े कामकाज देखें और पीआईबी को मजबूत करें। अब कहा जा रहा है कि नए मंत्री राठौड़ पुरानी मंत्री ईरानी द्वारा लिए गए फैसलों की समीक्षा कर रहे हैं क्योंकि कई स्तर से अधिकारियों ने इस बाबत शिकायतें की हैं। मंत्रालय छिने जाने से कुछ हफ्ते पहले ईरानी ने डायरेक्टोरेट ऑफ फिल्म फेस्टिवल के डायरेक्टर सी सेंथिल रंजन को पुराने कैडर में वापस भेज कर प्रतीक्षा सूची में डाल दिया था। ईरानी ने नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएफडीसी) की एमडी नीना लता गुप्ता को भी वित्तीय अनियमितता के आरोप में पद से हटा दिया था लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद गुप्ता फिर से पद पर बहाल हो गई थीं। इसके बाद स्मृति ईरानी ने मामले को जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया था।

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