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JNU छात्र उमर खालिद पर नई दिल्ली में फायरिंग की कोशिश, बाल-बाल बचे

यह मामला कॉन्सटीट्यूशन क्लब के पास सोमवार (13 अगस्त) को हुआ। घटनास्थल के पास एक पिस्तौल भी पड़ी देखी गई।

कार्यक्रमस्थल से खालिद को बाहर सही-सलामत लेकर जाती दिल्ली पुलिस। (फोटोः ANI)

नई दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पीएचडी छात्र उमर खालिद पर हमले की कोशिश हुई। सोमवार (13 अगस्त) को कॉन्सटीट्यूशन क्लब में वह किसी कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए थे। तभी कार्यक्रम स्थल के बाहर किसी ने उन पर फायरिंग की कोशिश की। गनीमत थी कि वह उस दौरान बाल-बाल बच गए।

घटना के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पनप गया। घटनास्थल के पास एक पिस्तौल भी पड़ी देखी गई। सूचना पर पहुंची दिल्ली पुलिस ने उसे बरामद कर लिया है, जबकि दो अज्ञात लोगों पर हमला करने का आरोप लगा है।

घटनास्थल के पास मौजूद चश्मदीद ने बताया, खालिद को धक्का मारकर गोली चलाई गई थी, जबकि दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की कोई भी उस दौरान हताहत नहीं हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले के दौरान आरोपी के हाथ से अचानक पिस्तौल छूट गई थी, जिसके बाद वह वहां से फरार हो निकला।

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बकौल चश्मदीद, “हम लोग चाय की टपरी के पास खड़े थे। अचानक वहां एक युवक आया, जो सफेद रंग की शर्ट पहने था। खालिद को उसने धक्का मारकर नीचे गिरा दिया। ये अचानक हुआ, जिसके कारण वह कुछ समझ न पाए। इसी बीच उसने गोली चला दी। हमने उसे फौरन दबोचने का प्रयास किया, मगर हवाई फायरिंग करते हुए वह भाग निकला।

वहीं, जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने खालिद पर इस हमले की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि इस तरह के हमले आवाजों को दबाने के लिए किए जाते हैं, जबकि जेएनयू छात्र संघ की पूर्व उपाध्यक्ष शहला राशिद ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।

उन्होंने ट्वीट कर कहा, “यह बेहद हैरान करने वाला है। दिल्ली में पीछे से आकर खालिद पर एक शख्स ने गोली चलाने की कोशिश की। यह सीधे तौर पर मीडिया (कुछ न्यूज चैनल) द्वारा फैलाई जा रही नफरत का असर है। मैंने उमर से बात की। वह फिलहाल ठीक है। लेकिन हम उसकी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं।”

कौन है उमर खालिद?: खालिद जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज (एसएसएस) से इतिहास में पीएचडी कर रहा है। उसने इससे पहले यहीं से एमए और एमफिल की डिग्री ली थी। मूलरूप से महाराष्ट्र के अमरावती के निवासी पर जेएनयू में एक कार्यक्रम के दौरान देशविरोधी नारेबाजी करने का आरोप लगा था। वह लेफ्ट (वामपंथी) विचारधारा वाले छात्र संगठन से जुड़े हैं।

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