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नई दिल्लीः CWC ने सोनिया गांधी के नेतृत्व में जताया भरोसा, अधीर बोले- हुई थी इस्तीफे की पेशकश पर कमेटी ने नकारा

नई दिल्लीः राहुल गांधी को फिर से अध्यक्ष बनाने की मांग उठी। बैठक के समय AICC के बाहर कांग्रेस वर्कर्स ने नारेबाजी कर राहुल गांधी को फिर से लाने की मांग की।

नई दिल्लीः CWC ने सोनिया गांधी के नेतृत्व में जताया भरोसा, अधीर बोले- हुई थी इस्तीफे की पेशकश पर कमेटी ने नकारा
CWC मीटिंग की बातें बाहर आने से कांग्रेस परेशान (फाइल फोटो-पीटीआई)

कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव होने तक सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष बनी रहेंगी। हां, पार्टी को मजबूत करने के लिए जल्दी ही एक गहन मंथन वरिष्ठ नेता करेंगे। कार्य समिति (CWC) की बैठक में सोनिया ने इस्तीफे की पेशकश भी की। उनका कहना था कि अगर उन तीनों (सोनिया, राहुल व प्रियंका) के हटने से पार्टी को फायदा होता है तो वो इस्तीफा देने को तैयार हैं पर कमेटी ने नकार दिया।

एएनआई के मुताबिक अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सोनिया गांधी के इस्तीफे की पेशकश को सभी ने एक स्वर में नकार दिया। उनका कहना था कि हार पर कमेटी ने चर्चा की थी। उधर, बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल मे कहा कि सभी ने सोनिया गांधी में भरोसा जताया है।

कार्य समिति की बैठक में रविवार को विधानसभा चुनावों में करारी शिकस्त के कारणों और आगे की रणनीति को लेकर चर्चा की गई। सोनिया गांधी की अध्यक्षता में सीडब्ल्यूसी बैठक पार्टी मुख्यालय में हुई। सूत्रों का कहना है कि इस दौरान राहुल गांधी को फिर से अध्यक्ष बनाने की मांग उठी। बैठक के समय AICC के बाहर कांग्रेस वर्कर्स ने नारेबाजी कर राहुल गांधी को फिर से लाने की मांग की।

सोनिया गांधी के अलावा बैठक में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, मल्लिकार्जुन खड़गे, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कई अन्य नेता शामिल हुए। बैठक से एक दिन पहले मीडिया के एक हिस्से में खबर आई थी कि गांधी परिवार पार्टी के पदों से इस्तीफे की पेशकश कर सकता है। हालांकि रणदीप सुरजेवाला ने इस खबर का खंडन करते हुए इसे गलत एवं शरारतपूर्ण करार दिया था।

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने इससे पहले राहुल गांधी को फिर से पार्टी का अध्यक्ष बनाने की मांग की। गहलोत ने कहा कि आज के समय में राहुल गांधी देश के इकलौते नेता हैं जो पूरे दमखम के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुकाबला कर रहे हैं। शिवकुमार ने ट्वीट किया कि जैसा मैंने पहले कहा है कि राहुल गांधी को तत्काल पूर्णकालिक अध्यक्ष की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। यह पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं की इच्छा है।

यह अहम बैठक ऐसे समय हुई है जब कांग्रेस ने पंजाब में सत्ता गंवा दी और उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में भी उसे करारी हार का सामना करना पड़ा है। सोनिया गांधी पिछले कुछ समय से सक्रिय रूप से प्रचार नहीं कर रही हैं। प्रियंका गांधी के साथ राहुल गांधी कांग्रेस के स्टार प्रचारक रहे हैं। पार्टी के महत्वपूर्ण फैसलों में भी इन दोनों की ही भूमिका रहती है।

मनमोहन सिंह के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी बैठक में नहीं आए। वो कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं और इस वजह से वह रविवार को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में शामिल नहीं हो सके। उनके पुत्र अनिल एंटनी ने यह जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट किया- आज मेरे पिता के कोरोना संक्रमित होने का पता चला। वो सीडब्ल्यूसी की बैठक में आज शामिल नहीं हो पाने से बहुत निराश हैं। वह 1984 से सीडब्ल्यूसी में शामिल हैं।

कांग्रेस सबसे विश्वसनीय जान फूंकने की जरूरत: थरूर

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने रविवार को कहा कि देश में कांग्रेस आज भी सबसे विश्वसनीय विपक्षी दल है और इसलिए इसमें सुधार व नई जान फूंकना जरूरी है। उन्होंने देश में विभिन्न दलों के विधायकों की संख्या वाला एक चार्ट साझा करते हुए ट्वीट किया कि यही वजह है कि कांग्रेस सबसे विश्वसनीय राष्ट्रीय विपक्षी पार्टी बनी हुई है। इसीलिए सुधार और नयी जान फूंकनी जरूरी है। थरूर ने यह टिप्पणी उस वक्त की है जब हालिया विधानसभा चुनावों में हार को लेकर कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में चर्चा चल रही है।

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First published on: 13-03-2022 at 08:49:39 pm
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