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कांग्रेस अध्‍यक्ष रहते हुए कभी-कभार मुख्‍यालय आती थीं सोनिया, राहुल गांधी ने बदली रवायत

हाल के दिनों में कांग्रेस दो राज्यों में हार का मुंह देखकर आ रही है। हालांकि गुजरात में मिली हार को कांग्रेस अपने लिए बेहतर बता रही है, क्योंकि साल 2012 चुनाव के मुकाबले उनकी सीटों में काफी इजाफा हुआ है। साल 2012 चुनाव में कांग्रेस को 61 सीटें मिली थीं, वहीं 2017 के चुनाव में कांग्रेस ने 77 सीटें हासिल की हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (PTI फोटो)

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) के नए अध्यक्ष राहुल गांधी ने घोषणा की है वह पार्टी मुख्यालय (24 अकबर रोड) हफ्ते में दो बार (संभवत: गुरुवार और शुक्रवार) जाएंगे। राहुल गांधी ने इस प्रस्वात को भी सहमति दी है कि जब वह दिल्ली में रहेंगे तो दफ्तर में ही समय मांगने वाले नेताओं से मुलाकात करेंगे। वहीं पूर्व में 19 साल तक कांग्रेस अध्यक्ष रहीं सोनिया गांधी बहुत कम ही कार्यलय में देखीं गईं, ऐसा तब था जब ऑफिस उनके आवास के बराबर में ही था। अब राहुल गांधी सालों पुरानी इस प्रथा को बदलते हुए नजर आ रहे हैं।

हालांकि पूर्व में राहुल गांधी खुद भी विशेष मौकों पर ही कांग्रेस मुख्यालय आते थे। राहुल ज्यादातर सियासी कामकाज अपने घर ’12 तुगलक लेन’ या फिर कांग्रेस के वॉर रूम कहे जाने वाले ’15 गुरुद्वारा रकाबगंज’ से ही निपटाते थे। लेकिन अब राहुल के इस फैसले की दिग्गज कांग्रेसी नेताओं ने सराहना की है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी का कहना है कि बतौर अध्यक्ष राहुल गांधी अगर अपने दफ्तर में बैठकर काम करने का फैसला लेते हैं, कार्यकर्ताओं और आम जन से मुलाकात करते हैं, तो हम सबको इसका स्वागत करना चाहिए, ये स्वागतयोग्य कदम है।

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गौरतलब है कि हाल के दिनों में कांग्रेस दो राज्यों में हार का मुंह देखकर आ रही है। हालांकि गुजरात में मिली हार को कांग्रेस अपने लिए बेहतर बता रही है, क्योंकि साल 2012 चुनाव के मुकाबले उनकी सीटों में काफी इजाफा हुआ है। साल 2012 चुनाव में कांग्रेस को 61 सीटें मिली थीं, वहीं 2017 के चुनाव में कांग्रेस ने 77 सीटें हासिल की हैं। सियासी पंडितों का कहना है कि राहुल की राह में चुनौतियां हरगिज कम नहीं है लेकिन विरासत में मिली इसी कांग्रेस के साथ ही उन्हें आगे बढ़ना होगा। ऐसे में अब राहुल गांधी अगर दोबारा कांग्रेस मुख्यालय में परिवार की पुरानी परंपरा को शुरू करने वाले हैं तो यकीनन उनके इस फैसले से आने वाले समय में कांग्रेस को जरूर लाभ मिलेगा।

 

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