West Bengal News: शुभेंदु अधिकारी के पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के महज दो दिन बाद मनोज कुमार अग्रवाल को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया। सोमवार को नवन्ना द्वारा जारी एक सरकारी अधिसूचना में इस नियुक्ति की घोषणा की गई। 1990 बैच के आईएएस अधिकारी ने वर्तमान मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला की जगह ली है।

इस नियुक्ति के बाद तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। तृणमूल नेता साकेत गोखले ने इस कदम को बेशर्मी की हद करार दिया और पार्टी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने मजाकिया लहजे में इसे संयोग बताया।

साकेत गोखले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल, जिन्होंने चुनाव आयोग के लिए पश्चिम बंगाल चुनाव का संचालन किया था, उन्हें नई बीजेपी सरकार द्वारा बंगाल का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। बीजेपी और चुनाव आयोग अब चुनाव चुराने के मामले में खुलकर सामने आ गए हैं। क्या अदालतें ‘अंधी’ हैं या फिर इस साजिश में ‘शामिल’ हैं? यह तो बेशर्मी की भी हद है।”

न्यूट्रल अंपायर को नवाजा गया- सागरिका घोष

वहीं टीएमसी की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने भी बीजेपी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, “बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल अब बंगाल के मुख्य सचिव होंगे। इस तथाकथित “न्यूट्रल अंपायर” को बंगाल में बीजेपी सरकार के शीर्ष नौकरशाह के पद से नवाजा गया है। क्या अब भी कोई सचमुच यह मानता है कि बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 निष्पक्ष और स्वतंत्र थे? यह बेहद शर्मनाक और बेशर्मी भरा कदम है।”

पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने कहा, “बंगाल में खुला खेल फर्रुखाबादी चल रहा है, जो चुनाव कराया उसे मुख्य सचिव बनाया, जो चुनाव आयोग का बंगाल में मुख्य निर्वाचन अधिकारी थे, जिनकी विशिष्ट कृपा से वहां बीजेपी की सरकार बनी, उस मनोज अग्रवाल को मुख्य सचिव बना
बीजेपी ने संदेश दिया लाज शर्म छोड़ो, कुर्सी हथियाओ लूटो मौज करो।”

बीजेपी ने दिया जवाब

विपक्ष के आरोपों का भारतीय जनता पार्टी ने जवाब दिया है। पार्टी ने कहा, “ममता बनर्जी के विपरीत, जिन्होंने IAS से जुड़े नियमों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए, दर्जनों अधिकारियों को दरकिनार करके नौकरशाही को कमजोर कर दिया था, पश्चिम बंगाल की BJP सरकार ने, देश के कानूनों की गरिमा को बहाल करने के अपने वादे के अनुरूप, राज्य में कार्यरत सबसे वरिष्ठ IAS अधिकारी श्री मनोज अग्रवाल को पश्चिम बंगाल का मुख्य सचिव नियुक्त किया है।”

मनोज कुमार अग्रवाल कौन हैं?

मनोज कुमार अग्रवाल पश्चिम बंगाल कैडर के 1990 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने राज्य सरकार में कई अहम पदों पर काम किया है। इसमें कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार, खाद्य, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा और वन विभाग में वरिष्ठ पद शामिल हैं। मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) और 2026 के विधानसभा चुनावों के दौरान वे पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।

बंगाल चुनाव नतीजों पर पड़ा SIR का असर

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों के परिणाम और मतदाता सूचियों के एसआईआर में 90.8 लाख हटाए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर सुनवाई हुई। इसमें ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी द्वारा आरोप लगाया गया कि इस एसआईआर के कारण ही जिन 31 सीटों पर पार्टी को पिछली बार जीत मिली थी, वहां इस बार बीजेपी जीत गई है। इस पर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से अहम टिप्पणी भी की गई। पढ़ें पूरी खबर…